अहमदाबाद में जिग्नेश पटेल द्वारा लिखित तीन प्रेरणादायक पुस्तकों का भव्य विमोचन
जीवन की यात्रा में जब भी आशा की नई किरण खोजनी हो या मन में सकारात्मकता का संचार करना हो, तब एक उत्तम पुस्तक ही सच्चे मित्र और मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है। ‘मंतव्य न्यूज 24×7’ के सीएमडी श्री जिग्नेश पटेल द्वारा लिखित तीन प्रेरणादायक पुस्तकें केवल पढ़ने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर पीढ़ी के व्यक्ति के लिए जीवन को उत्साहपूर्वक जीने और हर स्थिति में आगे बढ़ने का एक ठोस ‘रोडमैप’ हैं। इन पुस्तकों का भव्य विमोचन समारोह “मन की बात, मंतव्य रूपे – A Conversation of Thoughts, Stories, and Perspectives” थीम के तहत सोमवार, 26 अक्टूबर, 2026 को अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन (AMA) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन ‘मंतव्य न्यूज 24×7’, ‘आदर्श प्रकाशन’ (स्थापना 1943), ‘कर्म फाउंडेशन’ और ‘गुजराती बुक क्लब’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
इस अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र की कई गणमान्य हस्तियां विशेष रूप से उपस्थित रहीं। समारोह में मुख्य अतिथियों के रूप में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष श्री शंकरभाई चौधरी, , प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर श्री संजयभाई रावल और लोकप्रिय आर.जे. देवकी ने उपस्थिति दर्ज कराई और अपने कर-कमलों से पुस्तकों का विमोचन किया।
समारोह के दौरान विमोचित ये तीनों पुस्तकें पाठकों के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत साबित होंगी। पहली पुस्तक, ‘लव यू जिंदगी’, जीवन के हर पल को जी भरकर जीने की कला सिखाती है, जो मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर हर क्षण को उत्साह, आनंद और आशा के साथ जीने की सटीक चाबी प्रदान करती है। दूसरी पुस्तक, ‘थिंक आउटसाइड द बॉक्स’ (पुरानी मान्यताओं को ‘डिलीट‘ करें और सच्ची आजादी ‘इन्स्टॉल‘ करें), सीमित विचारों के दायरे से बाहर निकलकर सफलता के नए शिखरों को छूने की प्रेरणा देती है और हमारी सोच को एक नई व विशाल दिशा प्रदान करती है। तीसरी पुस्तक, ‘द रिचेस्ट मैन इन बेबीलोन’ (खाली जेब को भरा रखने की प्राचीन और अद्वितीय कहानी – मूल लेखक: जॉर्ज एस. क्लासन, गुजराती रूपांतरण: जिग्नेश पटेल), वित्तीय समृद्धि, आर्थिक अनुशासन और स्थिरता प्राप्त करने के प्राचीन लेकिन अत्यंत व्यावहारिक नियम समझाती है तथा पाठक को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाती है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी साहित्य प्रेमियों और श्रोताओं ने तीनों पुस्तकों का बहुत ही गर्मजोशी से स्वागत किया।
