अटीरा गरबा नाइट 2026: संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के अद्भुत संगम के साथ अटीरा परिसर में भव्य गरबा महोत्सव संपन्न

अटीरा गरबा नाइट 2026: संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के अद्भुत संगम के साथ अटीरा परिसर में भव्य गरबा महोत्सव संपन्न

अहमदाबाद: अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज रिसर्च एसोसिएशन (अटीरा) द्वारा अपने हरे-भरे परिसर में ‘अटीरा गरबा नाइट 2026’ का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक उत्सव में अटीरा के कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों, प्रतिष्ठित अतिथियों और उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर गरबा की उमंग के साथ गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जश्न मनाया। पूरी संध्या के दौरान पारंपरिक संगीत, भक्ति और उत्साह का एक अनूठा माहौल बना रहा। इस गरबा महोत्सव में प्रस्तुति मिताली नाग और उनकी टीम द्वारा दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ रात 8 बजे मंत्रोच्चार और पारंपरिक महाआरती के साथ हुआ। अटीरा के निदेशक श्री प्रज्ञेश शाह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने आरती में भाग लेकर नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गुजरात राज्य सहकारी संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राजेंद्र त्रिवेदी, अहमदाबाद नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के पूर्व चेयरमैन श्री देवांग दाणी, GTPL के प्रमुख श्री देवांग भट्ट, AMA के कार्यकारी निदेशक श्री उन्मेष दीक्षित तथा ऊर्जा के प्रबंध निदेशक श्री जनक नाणावटी सहित कई विशिष्ट महानुभावों ने विशेष रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इसके अलावा गुजराती नाट्य जगत की जानी-मानी निर्देशक एवं निर्मात्री श्रीमती आरती सोनी तथा श्रीमती फाल्गुनी जानी ने भी उपस्थिति दर्ज कराकर उत्सव का उत्साह बढ़ाया।

इस वर्ष की गरबा नाइट का मुख्य आकर्षण और विशेष पहलू BPA (ब्लाइंड पीपुल्स एसोसिएशन) और ‘उत्थान’ के बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। अटीरा ने सामाजिक संवेदनशीलता और समावेशी दृष्टिकोण दिखाते हुए इन बच्चों को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। बच्चों ने गरबा की धुन पर झूमकर उत्सव का आनंद लिया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग भावविभोर हो गए और आयोजन में भावुक करने वाले यादगार पल जुड़ गए।

कार्यक्रम के दौरान मिताली नाग और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत मंत्रमुग्ध कर देने वाले गरबा गीतों और संगीत की धुनों पर खेलैये और अतिथि देर रात तक थिरकते रहे। पारंपरिक चणिया-चोली, केडिया और साड़ी जैसे रंग-बिरंगे परिधानों में सजे-धजे खेलैयों ने अटीरा परिसर में नवरात्रि की भव्यता को जीवंत कर दिया। शोध, विज्ञान और उद्योग जगत के लोगों के लिए औपचारिक कामकाज से दूर रहकर आपस में संवाद, स्नेह और टीम भावना को मजबूत करने का यह मंच एक बेहतरीन माध्यम साबित हुआ। परंपरा और आधुनिकता के उत्कृष्ट समन्वय के साथ आयोजित ‘अटीरा गरबा नाइट 2026’ सभी के लिए एक अविस्मरणीय और सुखद अनुभव बन गई।

deshpatrika

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