मणिनगर श्री स्वामीनारायण गादी संस्थान द्वारा आयोजित : नशामुक्ति, मोबाइल एडिक्शन और ऑनलाइन गेमिंग जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूकता लाने की पहल

- सौरभ राज्यगुरु के निर्देशन में “शिक्षापत्री जनकल्याण अभियान गुजरात यात्रा”
अहमदाबाद: मणिनगर श्री स्वामीनारायण गादी संस्थान द्वारा आयोजित और सौरभ राज्यगुरु के निर्देशन में “शिक्षापत्री जनकल्याण अभियान गुजरात यात्रा” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत “नशा ने नकारो, जीवन ने स्वीकारो” (नशे को ठुकराओ, जीवन को अपनाओ) संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए 8 मिनट का स्ट्रीट प्ले (नुक्कड़ नाटक) तैयार किया गया है।
इस यात्रा का शुभारंभ 4 अगस्त से हुआ है और इसके अंतर्गत गुजरात के विभिन्न शहरों और गाँवों में चौक-चौराहों तथा अधिकांश स्कूलों में यह नाटक प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि विशेष रूप से युवाओं और बच्चों में जागरूकता फैलाई जा सके। यह पहल पूरी तरह से जनहित को ध्यान में रखते हुए की गई है।
अब तक इस अभियान के तहत 25 से अधिक स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं, जिनमें छात्रों, युवाओं और समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया है। आने वाले 3–6 महीनों में इस अभियान का लक्ष्य है कि गुजरात के गाँव, शहर और तालुका स्तर तक पहुँचा जाए, ताकि नशामुक्ति का संदेश हर घर तक पहुँचे और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।

अभियान का संचालन कर रहे अभिनेता और गायक सौरभ राज्यगुरु ने कहा, “आज के समय में बड़ी संख्या में युवा और कई बच्चे भी नशे की लत का शिकार हो चुके हैं। जुआ, सट्टा, ऑनलाइन गेमिंग, मोबाइल एडिक्शन जैसी आदतें और गलत संगत के कारण उन्हें जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हम इस 8 मिनट के नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। अब तक बावला, धोलका, वीरमगाम, साणंद सहित कई शहरों और गाँवों तक हमने यह संदेश पहुँचाया है और हमें बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है। इस जनहितकारी पहल की एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई जा रही है। हमारा उद्देश्य इस नाटक के माध्यम से लोगों के दिलों तक पहुँचना है, ताकि वे समय रहते सचेत हों और जीवन को नई दिशा दे सकें।”
“शिक्षापत्री जनकल्याण अभियान गुजरात यात्रा” शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य, संस्कार और कल्याण के लिए जागरूकता लाने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।