ईडीआईआई ने ‘इंडस्ट्री 5.0 ट्रांजिशन का नेतृत्व करने के लिए एमएसएमई को सशक्त बनाना’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया

ईडीआईआई ने ‘इंडस्ट्री 5.0 ट्रांजिशन का नेतृत्व करने के लिए एमएसएमई को सशक्त बनाना’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया

एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई), अहमदाबाद ने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से 23-24 सितंबर, 2026 को ‘इंडस्ट्री 5.0 ट्रांजिशन का नेतृत्व करने के लिए एमएसएमई को सशक्त बनाना’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन का उद्घाटन 23 सितंबर, 2026 को मुख्य अतिथि भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की संयुक्त सचिव एवं ईडीआईआई गवर्निंग बोर्ड की सदस्य सुश्री मर्सी एपाओ; गुजरात सरकार के एमएसएमई (उद्योग एवं खान विभाग) की आयुक्त सुश्री क्षिप्रा अग्रे, आईएएस; बिहार सरकार के उद्योग विभाग के निदेशक (एमएसएमई) श्री अमन समीर, आईएएस और ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला की उपस्थिति में हुआ।

सम्मेलन का उद्देश्य नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के अग्रणी लोगों, उद्यमियों, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे टेक्नोलॉजी को अपनाने, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करते हुए इंडस्ट्री 5.0 ट्रांजिशन में एमएसएमई की बदलती भूमिका पर विचार-विमर्श कर सकें।

सभा को संबोधित करते हुए भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की संयुक्त सचिवसुश्री मर्सी एपाओने कहा, “एमएसएमई किसी भी देश के विकास की कुंजी हैं। उनके विकास को सुनिश्चित करने के लिए अनुकूल नीतियों और सहयोगी इकोसिस्टम के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करना आवश्यक है, क्योंकि उनका विकास अंततः देश की अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देता है। जैसे-जैसे दुनिया इंडस्ट्री 5.0 की ओर बढ़ रही है, एमएसएमई के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने विकास के केंद्र में लोगों, सस्टेनेबिलिटी और चुनौतियों से निपटने की क्षमता को रखते हुए उभरती टेक्नोलॉजी को समझें और अपनाएं। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने, नए अवसरों की संभावनाएं तलाशने और सार्थक सहयोग स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जिससे एमएसएमई के विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा।”

सुश्री क्षिप्रा अग्रे, आईएएस, आयुक्त, एमएसएमई (उद्योग एवं खान विभाग), गुजरात सरकार,ने कहा, “आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने का लक्ष्य रखने वाले एमएसएमई उद्यमियों के लिए उद्यमिता संबंधी दक्षता एक प्रमुख कारक है। उद्यमियों में उच्च उद्यमिता क्षमता बिजनेस इकोसिस्टम को मजबूत बनाती है और विकास के लिए एक मजबूत एवं सस्टेनेबल मॉडल तैयार करती है। यह सम्मेलन एमएसएमई और इंडस्ट्री 5.0 के क्षेत्र में नॉलेज इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल अनुभवों को साझा करने और एक-दूसरे से सीखने में मदद करेगी।”

श्री अमन समीर,आईएएस, निदेशक (एमएसएमई), उद्योग विभाग, बिहार सरकार ने कहा, “इंडस्ट्री 5.0 की ओर ट्रांजिशन एमएसएमई को अपनी उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उभरती टेक्नोलॉजी के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करना और उद्यमों के लिए उन्हें अपनाना आसान बनाना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से उन उद्यमों के लिए जो अपने कारोबार का विस्तार करना और बदलती वैल्यू चेन से जुड़ना चाहते हैं। सम्मेलन की योजना इस तरह से बनाई गई है कि नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और उद्यमियों को अपने अनुभव साझा करने तथा व्यावहारिक और बड़े स्तर पर अपनाए जा सकने वाले तरीकों की पहचान करने का अवसर मिल सके।”

डॉ. सुनील शुक्ला, महानिदेशक, ईडीआईआई,ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “एमएसएमई विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भारत में एमएसएमई से जुड़ी कई लाभकारी योजनाएं और नीतियां हैं और इस क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार नए उपाय और तरीके विकसित किए जा रहे हैं। इंडस्ट्री 5.0 की ओर ट्रांजिशन टेक्नोलॉजी, मानवीय क्षमताओं और सस्टेनेबिलिटी को एक साथ लाता है, जिससे एमएसएमई के लिए नई संभावनाएं पैदा होती हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से व्यापक भागीदारी हुई है और यह निश्चित रूप से इस क्षेत्र में सार्थक संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।”

इस सम्मेलन में इंडस्ट्री 5.0 के दौर में एमएसएमई के लिए उभरते दृष्टिकोणों पर ज्ञान के आदान-प्रदान, अनुभव साझा करने और विचार-विमर्श के लिए 3 देशों और भारत के 6 राज्यों से 120 प्रतिनिधि एक साथ आए। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के विशेषज्ञ सत्र भी शामिल हैं, जिनमें हीरो स्टार्टअप, पेरू की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) सुश्री डायना सिस्नेरोस (विषय: व्यवधान का पूर्वानुमान लगाने और उससे निपटने के लिए डिजिटल ट्विन्स का उपयोग करने वाली बुलेटप्रूफ सप्लाई चेन); तुन रजाक ग्रेजुएट स्कूल (टीआरजीएस), यूनिरजाक, मलेशिया के प्रोफेसर एवं प्रोग्राम डायरेक्टर प्रो. सिरी रोलैंड जेवियर (विषय: इंडस्ट्री 5.0 के लिए नेक्स्टजेन इनोवेशन और इकोसिस्टम) और आईएसएमईडी में बिजनेस सर्विस डेवलपमेंट एक्सपर्ट, बिजनेस कंसल्टेंट तथा स्ट्रैटेजिक एंड सस्टेनेबिलिटी प्रोफेशनल, थाईलैंड की डॉ. पचरापोर्न बून्योस (मो) (विषय: इंडस्ट्री 5.0 के लिए एआई का निर्माण, जहां स्मार्ट डेटा और मानवीय नियंत्रण का मेल होता है) शामिल हैं।

सम्मेलन में प्रतिष्ठित उद्योग और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के सत्र एवं पैनल चर्चाएं भी शामिल हैं, जिनमें सावली टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस इनक्यूबेटर (एसटीबीआई), गुजरात सरकार के निदेशक डॉ. आनंद भदालकर; वासा फार्माकेम और वासा वेलनेस के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. जैमिन आर. वासा; अनुवाद इनोवेशन स्टूडियो एलएलपी की फाउंडर एवं क्रिएटिव प्रिंसिपल सुश्री छैल खालसा; टॉर्चिट के फाउंडर श्री हनी भागचंदानी; इम्पेल इंट्रालॉजिस्टिक्स के वाइस प्रेसिडेंट श्री नीरव गलैया; ओमस्पेस रॉकेट एंड एक्सप्लोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रविंद्र राज बीएम; एरोनेक फिनवाइज प्राइवेट लिमिटेड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री सुनील मैनानी; आईओटीए डायग्नोस्टिक के फाउंडर एवं सीईओ श्री वैभव शितोले; माइंडस्टीन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर श्री विजय सिंह रहेवर और सिक्सडी इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के डिजिटल इंजीनियरिंग एंड इमर्सिव टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल श्री यश पटेल शामिल हैं।

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