बायो-सिनर्जी ने डी.एन.ए + एपिजेनेटिक्स किट के साथ भारत में रखा कदम, वर्ल्ड हार्ट डे पर अहमदाबाद में किया लॉन्च
ब्रिटेन के हेल्थ साइंस ब्रांड ‘बायो-सिनर्जी’ ने अपने ‘डी.एन.ए + एपिजेनेटिक्स’ किट के लॉन्च के साथ भारत में कदम रखने की घोषणा की है। भारत में इसकी मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन काइनोरा लाइफ साइंसेज एल.एल.पी द्वारा किया जाएगा। वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर अहमदाबाद में इसे लॉन्च किया गया। यह लॉन्च बीमारी से बचाव और हर व्यक्ति की जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने की ब्रांड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत में डी.एन.ए + एपिजेनेटिक्स किट के लॉन्च के बारे में बायो-सिनर्जी के फाउंडर डेनियल हरमन ने कहा, “भारत में बीमारी से बचाव पर हमेशा से ध्यान दिया जाता रहा है और आज इसकी जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है। हम भारत में सिर्फ एक टेस्ट नहीं ला रहे हैं। हम लोगों को यह समझने का एक तरीका दे रहे हैं कि रोजमर्रा में उनके फैसलों और आदतों का उनके शरीर पर क्या असर पड़ रहा है। इससे समय रहते इन आदतों में बदलाव कर बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।”
आई.पी.एल टीम गुजरात टाइटन्स के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सचिन राणा ने कहा, “बायो-सिनर्जी का डीएनए + एपिजेनेटिक्स टेस्ट अंदाजे के आधार पर फिटनेस प्लान बनाने की जरूरत खत्म करता है। ज्यादातर लोग दूसरों के लिए बनाए गए प्लान के अनुसार ट्रेनिंग करते हैं और अच्छे नतीजों की उम्मीद करते हैं। यह किट बताती है कि आपका शरीर किस तरह प्रतिक्रिया करता है और किन बातों पर ध्यान देने की जरूरत है। इससे सही दिशा में मेहनत की जा सकती है और बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।”

गुजरात में देखने में स्वस्थ लगने वाले 1,500 युवाओं पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि हर छह में से एक व्यक्ति मेटाबॉलिक सिंड्रोम से जूझ रहा था, जबकि उनमें इसके कोई लक्षण नहीं थे। देशभर में 45 साल या उससे अधिक उम्र के वयस्कों में मेटाबॉलिक सिंड्रोम और प्री-डायबिटीज इन रोगों के व्याप्ति की दर 30% पाई गई है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसे अभी भी समय रहते सही कदम उठाकर ठीक किया जा सकता है। 1, 2 डी.एन.ए + एपिजेनेटिक्स किट इसी शुरुआती दौर को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जब बीमारी का खतरा बढ़ना शुरू हो जाता है, लेकिन समय रहते सही कदम उठाकर खतरों को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। बायो-सिनर्जी के फाउंडर डेनियल हरमन, आई.पी.एल टीम गुजरात टाइटन्स के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सचिन राणा, न्यूट्रिशनिस्ट पार्थ अध्यारु और अपोलो हॉस्पिटल्स की जेनेटिक काउंसलर, श्रीमती रीना त्रिवेदी उपस्थित रहे।
आम डी.एन.ए टेस्ट में व्यक्ति की आनुवंशिक जानकारी के बारे में पता चलता है, जिसमें बदलाव नहीं होता। इसके विपरीत बायो-सिनर्जी का ‘डीएनए + एपिजेनेटिक्स किट’ एपिजेनेटिक जीन मिथाइलेशन को मापता है। इससे यह पता चलता है कि मौजूदा जीवनशैली, खान-पान और आसपास का वातावरण जीन की गतिविधि और शरीर की जैविक उम्र को किस तरह प्रभावित कर रहे हैं। यह शरीर से जुड़े 300 से ज्यादा संकेतों का विश्लेषण करता है और एक विस्तृत रिपोर्ट देता है। इसमें सुधार के लिए हर व्यक्ति की जरूरत के अनुसार जीवनशैली से जुड़े सुझाव दिए जाते हैं। साथ ही, मेटाबॉलिक हेल्थ यानी चयापचय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए कंपनी के अपने रिसर्च से तैयार किए गए न्यूट्रास्यूटिकल्स यानी पोषक औषधीय पदार्थ भी दिए जाते हैं। यूजर्स के डी.एन.ए से जुड़ी सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम की शुरुआत विशेषज्ञों की पैनल चर्चा से हुई। इसमें स्वस्थ जिंदगी तथा एडवांस्ड टेस्टिंग के जरिए बीमारी से बचाव के लिए समय रहते कदम उठाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इसके बाद बायो-सिनर्जी ने एच.एन.आई, खेल जगत की हस्तियों की मौजूदगी में औपचारिक रूप से अपना डी.एन.ए + एपिजेनेटिक्स किट को लॉन्च किया। कार्यक्रम के अंत में लोगों को प्रोडक्ट को करीब से जानने और उसे आजमाने का मौका भी दिया गया।
न्यूट्रिशनिस्ट पार्थ अध्यारु ने कहा, “300 से ज्यादा मार्कर्स की मदद से अब सभी को एक जैसी सलाह देने की जरूरत नहीं रह जाती। हर व्यक्ति का शरीर क्या संकेत दे रहा है, उसके आधार पर उसके लिए सही न्यूट्रिशन और फिटनेस प्लान तैयार किया जा सकता है।”
अपोलो हॉस्पिटल्स की जेनेटिक काउंसलर, श्रीमती रीना त्रिवेदी ने कहा, “इस तरह की टेस्टिंग से बीमारी से बचाव की सलाह को आंकड़ों के आधार पर समझना संभव होता है। जब लोगों को केवल यह बताने के बजाय कि आम तौर पर उनके लिए क्या अच्छा है, उनके अपने आंकड़े दिखाए जाते हैं, तो वे अपनी सेहत को लेकर ज्यादा गंभीरता से कदम उठाते हैं।”
