इस किरदार के लिए चुना जाना ऐसा लगता है जैसे मेरी मन्नत पूरी हो गई हो,” कलर्स के ‘मन्नत हर खुशी पाने की’ के नए अध्याय के बारे में तन्वी डोगरा ने कहा

इस किरदार के लिए चुना जाना ऐसा लगता है जैसे मेरी मन्नत पूरी हो गई हो,” कलर्स के ‘मन्नत हर खुशी पाने की’ के नए अध्याय के बारे में तन्वी डोगरा ने कहा

कलर्स का ‘मन्नत – हर खुशी पाने की’ प्यार, महत्वाकांक्षा और पारिवारिक ड्रामा की एक नई कहानी लेकर आ रहा है, क्योंकि शो एक रोमांचक नए अध्याय में प्रवेश कर रहा है, जिसमें तन्वी डोगरा और नमिक पॉल नए मुख्य किरदारों के रूप में नज़र आएंगे। इस कहानी के केंद्र में दो बेहद स्वतंत्र सोच वाले लोग हैं, जिनकी अलग‑अलग दुनियाएँ खाने के प्रति उनके साझा जुनून के कारण आपस में टकराती हैं। मन्नत जुनेजा (तन्वी डोगरा द्वारा निभाया गया किरदार), जो अपने परिवार का विराट दा ढाबा चलाती है, मानती है कि खाना प्यार, सच्चाई और यादों की अभिव्यक्ति है, जबकि कबीर ओबेरॉय (नमिक पॉल द्वारा निभाया गया किरदार), जो आलीशान रेस्तरां मेज़बानी का मालिक है, सटीकता, नए प्रयोग और परफेक्शन में विश्वास रखता है। जैसे‑जैसे उनकी अलग‑अलग सोच व्यंजनों, महत्वाकांक्षाओं और अहंकार के टकराव को जन्म देती है, तीखी नोक‑झोंक की जगह ऐसी अनपेक्षित केमिस्ट्री और एक ऐसे जुड़ाव को मिलती है, जिसकी उम्मीद दोनों में से किसी ने नहीं की होती। हालांकि, उनके बढ़ते जुड़ाव के पीछे जटिल अतीत, परिवार के प्रति निष्ठाएं और ऐसे दर्दनाक सच छिपे हैं, जो किसी भी समय उनके बीच आ सकते हैं। तन्वी डोगरा, नमिक पॉल, किशोरी शहाणे और सुप्रिया शुक्ला अभिनीत यह शो प्यार, परिवार, महत्वाकांक्षा और मतभेदों के बावजूद साझा ज़मीन तलाशने की संभावना को दर्शाता है। मुख्य भूमिका निभाने को लेकर उत्साहित तन्वी डोगरा ने इस नए अध्याय को जीवंत करने के बारे में अपने विचार साझा किए।

1. ‘मन्नत हर खुशी पाने की’ के नए अध्याय के बारे में बताइए।

A. ‘मन्नत हर खुशी पाने की’ का नया अध्याय दर्शकों के लिए कई सरप्राइज़ लेकर आने वाला है। मन्नत जुनेजा का किरदार निभाना मेरे लिए एक रोमांचक सफर रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि इस किरदार के कई पहलू हैं, जिन्हें तलाशा जा सकता है। वह एक मजबूत, निडर और आत्मनिर्भर महिला है, जो अपने पारिवारिक मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई है। उसके लिए खाना सिर्फ खाना बनाने या कारोबार चलाने तक सीमित नहीं है; यह प्यार, परंपरा, यादों और हर व्यंजन से जुड़ी भावनाओं के बारे में है। उसके व्यक्तित्व का यह पहलू मुझे बेहद खूबसूरत लगता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि खाने जैसी साधारण चीज़ भी लोगों को एक साथ ला सकती है। उसकी दुनिया एक दिलचस्प मोड़ लेती है, जब उसकी मुलाकात कबीर ओबेरॉय से होती है, जिसकी खाने और ज़िंदगी को देखने की सोच उससे बिल्कुल अलग है। जहाँ मन्नत सच्चाई और पारंपरिक स्वादों को संजोकर रखने में विश्वास करती है, वहीं कबीर सटीकता, नए प्रयोग और परफेक्शन से प्रेरित है। उनकी अलग‑अलग सोच व्यंजनों की ऐसी प्रतिद्वंद्विता को जन्म देती है, जो तीखी नोक‑झोंक, अप्रत्याशित पलों और ऐसी भावनाओं से भरी होती है, जिनकी उम्मीद दोनों में से किसी ने नहीं की होती। मन्नत की यात्रा को और दिलचस्प बनाती है वह तरीका, जिससे वह अपने पारिवारिक रिश्तों, निजी चुनौतियों और धीरे‑धीरे सामने आने वाले रहस्यों का सामना करती है। एक कलाकार के तौर पर मैं उसकी ताकत, उसकी कमजोरियों और उसके व्यक्तित्व के अलग‑अलग पहलुओं को तलाशने को लेकर उत्साहित हूँ। मुझे उम्मीद है कि दर्शक मन्नत के इस सफर से जुड़ेंगे और इस नए अध्याय को सामने आते हुए देखना पसंद करेंगे।

2. अपने किरदार के बारे में बताइए।

A. मन्नत एक मजबूत इरादों वाली, आत्मनिर्भर और संवेदनशील महिला है, जिसकी ज़िंदगी उसके परिवार और विराट दा ढाबा से गहराई से जुड़ी हुई है। एक मध्यमवर्गीय पंजाबी परिवार से आने वाली मन्नत अपने पिता सुरिंदर के खाने के प्रति प्यार को आगे बढ़ाती है और ढाबे को सिर्फ एक व्यवसाय से कहीं बढ़कर मानती है। यह उसकी पहचान का हिस्सा है, जिसमें उसके परिवार की यादें, भावनाएँ और आकांक्षाएँ बसी हुई हैं, और वह उन सभी बातों को सुरक्षित रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है जिनका यह प्रतिनिधित्व करता है। हालाँकि वह निडर और आत्मविश्वासी दिखाई देती है, लेकिन मन्नत का एक भावुक पक्ष भी है, खासकर जब बात उसके परिवार के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अपनी माँ की उम्मीदों पर खरा उतरने की उसकी इच्छा की हो। उसका मानना है कि किसी खाने का मायने रखने के लिए उसका परफेक्ट दिखना ज़रूरी नहीं है; असली महत्व उस प्यार और ईमानदारी का है जिसके साथ उसे तैयार किया जाता है। यही सोच उसके रिश्तों में भी दिखाई देती है, क्योंकि वह दौलत और बाहरी दिखावे से परे जाकर लोगों को उनके इरादों और कर्मों के आधार पर परखती है। वह ऐसी लड़की है जो अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहती है और उन बातों के लिए लड़ती है जिन पर वह विश्वास करती है, खासकर तब जब उसके अपने लोग और उनके सपने दांव पर लगे हों। जीवन और खाने को लेकर मन्नत का नज़रिया कबीर ओबेरॉय से बिल्कुल अलग है, जिसकी दुनिया सटीकता, नए प्रयोग और परफेक्शन के इर्द‑गिर्द घूमती है। उनकी विपरीत सोच एक दिलचस्प समीकरण पैदा करती है, जो मन्नत को ऐसी परिस्थितियों में ले जाती है जो उसकी मान्यताओं को चुनौती देती हैं, उसके धैर्य की परीक्षा लेती हैं और उसे ऐसी भावनाओं से रूबरू कराती हैं, जिन्हें महसूस करने की उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

3. इस शो में अपने सह‑कलाकारों के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा?

A. नमिक, किशोरी मैम और सुप्रिया मैम के साथ काम करना एक बेहद शानदार और मज़ेदार अनुभव रहा है। नमिक एक बेहतरीन सह‑कलाकार हैं और उनके साथ स्क्रीन साझा करना बहुत अच्छा रहा है, क्योंकि हम मन्नत और कबीर की अलग‑अलग शख्सियतों को जीवंत कर रहे हैं। सुप्रिया मैम, जो मेरी माँ का किरदार निभा रही हैं, उनके साथ काम करना भी बेहद सुखद अनुभव है और उनके जैसी अनुभवी कलाकार के साथ स्क्रीन साझा करना सीखने का एक शानदार अवसर है। पूरी कास्ट बेहद गर्मजोशी भरी और स्वागत करने वाली रही है, जिसकी वजह से हर दिन सेट पर आना बहुत मज़ेदार बन जाता है। सेट पर हमेशा हँसी‑मज़ाक, शानदार बातचीत और एक बेहतरीन ऊर्जा होती है, जो काम को और भी आनंददायक बना देती है। मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूँ कि मैं इतने प्रतिभाशाली कलाकारों के बीच काम कर रही हूँ, जो न सिर्फ बेहतरीन कलाकार हैं बल्कि बहुत अच्छे इंसान भी हैं।

4. ‘मन्नत हर खुशी पाने की’ में अपने किरदार के लिए आपने कैसे तैयारी की? 

A. मैं हमेशा से खाने की शौकीन रही हूँ, इसलिए जब ‘मन्नत – हर खुशी पाने की’ मुझे ऑफर हुआ, तो मैं तुरंत उत्साहित हो गई। इसकी कहानी ने मेरा ध्यान इसलिए खींचा क्योंकि यह खाने, परिवार, रिश्तों और भावनाओं को बेहद खूबसूरती से एक साथ जोड़ती है, वहीं मन्नत का किरदार भी भावनात्मक रूप से बहुत गहराई लिए हुए है। मेरी तैयारी का एक बड़ा हिस्सा खाने, अपने परिवार और उन मूल्यों के साथ मन्नत के गहरे जुड़ाव को समझने में लगा, जिनके साथ वह बड़ी हुई है। मैं सिर्फ उसके खाना बनाने के प्रति प्यार को ही नहीं, बल्कि एक ढाबा चलाने में लगने वाली मेहनत, समझ और जुनून को भी समझना चाहती थी। मैंने ढाबा‑स्टाइल खाना बनाने की भी कोशिश की, ताकि किसी व्यंजन को तैयार करने के पीछे की प्रक्रिया और मेहनत को महसूस कर सकूँ। साथ ही, ढाबा मालिकों से बातचीत करने से मुझे ऐसे कारोबार को चलाने की वास्तविकताओं और उससे जुड़ी व्यक्तिगत कहानियों को समझने में मदद मिली। इन अनुभवों ने मुझे यह एहसास कराया कि खाना सिर्फ रेसिपी और सामग्री से कहीं बढ़कर है; यह यादों को संजोता है, प्यार को व्यक्त करता है और लोगों को एक साथ जोड़ता है।

5. ‘मन्नत हर खुशी पाने की’ एक सफल शो रहा है। इसकी विरासत को आगे बढ़ाना कैसा लगता है?

A. 20 महीनों से अधिक समय तक दर्शकों के साथ जुड़ा रहा किसी शो का हिस्सा बनना एक अविश्वसनीय अवसर है और मैं इस नए अध्याय की शुरुआत बेहद उत्साह और जिम्मेदारी के साथ कर रही हूँ। ‘मन्नत – हर खुशी पाने की’ में आयशा सिंह और अदनान खान का योगदान बेहद अहम रहा है और मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूँ कि मुझे अपनी समझ और मन्नत जुनेजा के किरदार को लेकर अपनी व्याख्या के साथ इस कहानी को आगे बढ़ाने का मौका मिला है। ‘मन्नत’ शब्द का अर्थ एक इच्छा या प्रार्थना होता है और इस किरदार के लिए चुना जाना मुझे ऐसा महसूस कराता है जैसे मेरी अपनी मन्नत पूरी हो गई हो। ‘परिणीति’ में तीन साल से अधिक समय तक कलर्स के साथ काम करने के बाद, मेरा चैनल के साथ एक बेहद खूबसूरत रिश्ता बन गया है, जो अब मेरे लिए दूसरे घर जैसा है। नीति का किरदार निभाना एक कलाकार के रूप में मेरी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और अब मन्नत की दुनिया में कदम रखना मुझे अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने, अपने अभिनय के नए आयाम खोजने और बिल्कुल अलग व्यक्तित्व वाले किरदार को निभाने का अवसर देता है। मैं इस रचनात्मक सफर को लेकर बेहद उत्साहित हूँ और उम्मीद करती हूँ कि ऐसी कहानी में कुछ नया जोड़ पाऊँगी, जो पहले से ही अपने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह रखती है।

6. आयशा सिंह और अदनान खान के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा और ऐसे शो का हिस्सा बनना कैसा रहा, जिससे दर्शक उनके अभिनय के माध्यम से पहले ही एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव बना चुके हैं?

A. हालाँकि हमने साथ में सिर्फ कुछ दृश्य और प्रोमो की शूटिंग की है, लेकिन आयशा और अदनान के साथ मेरा अनुभव बेहद शानदार रहा है! उनके साथ स्क्रीन साझा करना बहुत मज़ेदार था और हमने साथ में शूटिंग करते हुए बहुत अच्छा समय बिताया। दोनों के साथ काम करना बेहद सुखद रहा और मैंने सेट पर मौजूद ऊर्जा का भरपूर आनंद लिया। भले ही हमारा साथ कम समय के लिए रहा हो, लेकिन यह एक बहुत ही अच्छा अनुभव था और मुझे खुशी है कि हमें वे पल साथ साझा करने का मौका मिला। मुझे लगता है कि उन कलाकारों से मिलना और उनके साथ काम करना हमेशा खास होता है, जो किसी शो की यात्रा का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हों, और मुझे खुशी है कि हमें इसका हिस्सा बनने का अवसर मिला।

7. उन दर्शकों के लिए आप क्या संदेश देना चाहेंगी, जिन्होंने ‘मन्नत हर खुशी पाने की’ को इतना प्यार दिया है और अब इस नए अध्याय का इंतज़ार कर रहे हैं?

A. सबसे पहले मैं उन सभी का धन्यवाद करना चाहूँगी जिन्होंने ‘मन्नत – हर खुशी पाने की’ पर इतना प्यार बरसाया है और आज भी इस शो से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। मैं समझती हूँ कि दर्शकों ने इन किरदारों के साथ एक खास रिश्ता बना लिया है और इस नए अध्याय में कदम रखना अपने साथ बहुत उत्साह और जिम्मेदारी लेकर आता है। मन्नत जुनेजा के ज़रिए मैं कहानी में एक नया नज़रिया लेकर आने की उम्मीद करती हूँ, साथ ही उन भावनाओं, रिश्तों और पारिवारिक मूल्यों के प्रति सच्ची भी रहना चाहती हूँ, जो इस शो को खास बनाते हैं। मन्नत ऐसी लड़की है जो अपने लिए खड़ी होना जानती है, अपने प्रियजनों की रक्षा करती है और अपने दिल की सुनती है, और मुझे उम्मीद है कि दर्शक उसकी इस यात्रा से उतना ही जुड़ाव महसूस करेंगे जितना मैंने किया है। नमिक और हमारी शानदार कास्ट के साथ, हम दर्शकों के लिए एक नई इक्वेशन, दिलचस्प रिश्ते और ढेर सारे अप्रत्याशित मोड़ लेकर आ रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि दर्शक हमारा खुले दिल से स्वागत करेंगे, इस सफर का आनंद लेते रहेंगे और इस नए अध्याय को भी वही प्यार देंगे जो उन्होंने हमेशा इस शो को दिया है। आपका प्यार और समर्थन हमारे लिए बहुत मायने रखता है और मैं बेसब्री से उस पल का इंतज़ार कर रही हूँ जब आप सभी मन्नत और कबीर की कहानी का अनुभव करेंगे।

‘मन्नत हर खुशी पाने की’ देखिए, हर सोमवार से रविवार शाम 7:30 बजे केवल कलर्स और जियोहॉटस्टार पर।

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