इमर्जेंट और राज शमानी ने भारतीय व्यवसायों में AI को बढ़ावा देने के लिए ₹1 करोड़ के चैलेंज की शुरुआत की

इमर्जेंट और राज शमानी ने भारतीय व्यवसायों में AI को बढ़ावा देने के लिए ₹1 करोड़ के चैलेंज की शुरुआत की
  • बिज़नेस के मालिक और फाउंडर्स AI की मदद से कामकाज से जुड़ी असली समस्याओं को दूर करने के लिए सॉफ़्टवेयर बनाएंगे, और बड़े बदलाव लाने वाले बिज़नेस के बीच कुल 1 करोड़ रुपये के इनाम के लिए मुकाबला होगा

बेंगलुरु, भारत, 26 जून, 2026: AI सॉफ़्टवेयर बनाने में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले प्लेटफ़ॉर्म, इमर्जेंट ने एंटरप्रेन्योर एवं जाने-माने कंटेंट क्रिएटर राज शमानी के साथ मिलकर देश भर में एक बड़े चैलेंज की शुरुआत की है। इस चैलेंज का मकसद AI को अपनाने में भारतीय व्यवसायों की मदद करना है, ताकि वे अपने कामकाज के हिसाब से सॉफ़्टवेयर बना सकें।

पूरे भारत के बिज़नेस मालिक, फाउंडर्स और ऑपरेटर्स इस पहल में शामिल हो सकते हैं, जिसके लिए उन्हें अपने बिज़नेस में किसी असली समस्या की पहचान करनी होगी, इमर्जेंट का इस्तेमाल करके उस समस्या को दूर करने वाला सॉफ्टवेयर बनाना होगा और उसे रोज़मर्रा के कामकाज में लागू करके दिखाना होगा कि यह कितना असरदार है। सबसे बड़ा बदलाव लाने वाले तीन सबसे अच्छे बिज़नेस को राज शामानी और इमर्जेंट की ओर से कुल 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। 

यह चुनौती इस बढ़ती सोच पर आधारित है कि, भारत में बिज़नेस की तरक्की का अगला दौर केवल नए स्टार्टअप्स से नहीं आएगा, बल्कि इसमें उन मौजूदा बिज़नेस का भी योगदान होगा जो अपने कामकाज को बेहतर बनाने के लिए सॉफ्टवेयर और AI को अपना रहे हैं। मैन्युफैक्चरर्स, ट्रेडर्स, लॉजिस्टिक्स कंपनियाँ, सप्लाई-चेन ऑपरेटर्स, D2C ब्रांड्स और पुश्तैनी कारोबार करने वाले लोग आज भी अलग-अलग तरह के सिस्टम और मैन्युअल तौर-तरीकों पर निर्भर हैं, क्योंकि सामान्य तौर पर अलग-अलग ज़रूरतों के हिसाब से सॉफ्टवेयर बनाना महंगा होता है जिसमें काफी वक्त लगता है, और इसके लिए टेक्नोलॉजी की अच्छी जानकारी होना भी ज़रूरी है।

इमर्जेंट की मदद से, बिज़नेस के मालिक आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल करके पूरा सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन तैयार कर सकते हैं। इससे वे सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट के पुराने तरीकों के बिना ही अपनी इन्वेंट्री को संभालने, ग्राहकों पर नज़र रखने, कामकाज में ऑटोमेशन लाने, ऑर्डर हो व्यवस्थित करने और रोज़मर्रा के कामकाज पर नजर रखने के लिए टूल तैयार कर सकते हैं।

यह मुहिम इस बात को भी दिखाती है कि किस तरह आज के एंटरप्रेन्योर्स और क्रिएटर्स नए दौर की टेक्नोलॉजी को अपनाने के तरीकों को बदल रहे हैं। यह कैंपेन लोगों को सिर्फ़ AI टूल्स की जानकारी देने के बजाय, बिज़नेस मालिकों को अपने कामकाज में खुद सॉल्यूशन ऐसे बनाने और उसे लागू करने को बढ़ावा देता है, ताकि वो बिज़नेस की असल चुनौतियों को दूर करने में AI के इस्तेमाल की मिसाल पेश कर सकें।

इस मौके पर इमर्जेंट के कोफ़ाउंडर एवं सीईओ, मुकुंद झा ने कहा, आमतौर पर बिज़नेस को बहुत ज़्यादा सॉफ़्टवेयर की ज़रूरत नहीं होती है। उन्हें तो बस एक ऐसा सॉफ़्टवेयर चाहिए, जो दिखाए कि उनका बिज़नेस असल में कैसे काम करता है। अब तक, ऐसा सॉफ़्टवेयर बनाने में समय, पैसा और टेक्नोलॉजी के जानकारों की जरूरत होती थी, और ये सारी चीज़ें तो कई बिजनेस के पास होती ही नहीं। लेकिन AI के आने से हालात बदल गए हैं। इस मुहिम के जरिए हम दिखाना चाहते हैं कि कोई भी मैन्युफ़ैक्चरर, ट्रेडर, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर या फ़ाउंडर अब अपने बिज़नेस के हिसाब से टूल बना सकता है और महीनों इंतज़ार किए बिना कुछ ही दिनों में नतीजे देख सकता है।

इस कैंपेन के तहत, राज शमानी ने खुद इमर्जेंट प्लेटफॉर्म पर AI के जरिए अपने बिज़नेस के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया और भारतीय बिज़नेस मालिकों को यह दिखाया कि सॉफ़्टवेयर बनाना अब केवल डेवलपर्स या बड़ी कंपनियों के दायरे तक सीमित नहीं रह गया है।

राज शमानी ने कहा, हर बिज़नेस के मलिक को यह बात अच्छे से पता है कि कुछ रूकावटों की वजह से बिज़नेस में तरक्की की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। लंबे अरसे से इन परेशानियों को दूर करने के लिए डेवलपर्स, अलगअलग एजेंसियों या टेक्निकल टीमों की मदद लेनी पड़ती थी। मगर आज AI ने सब कुछ पूरी तरह बदल दिया है। अगर आप अपनी समस्या को अच्छे से समझते हैं, तो उसका हल आप खुद तैयार कर सकते हैं। यह चुनौती देश के बिजनेसमैन को यह बताने के लिए है कि जब वे दूसरों के भरोसे बैठना बंद करके खुद कदम उठाते हैं, तो क्या कुछ मुमकिन हो सकता है।

AI और सॉफ़्टवेयर की मदद से अपने बिज़नेस में सबसे शानदार बदलाव लाने वाले भारतीय बिजनेसमैन कुल 1 करोड़ रुपये के इनाम के लिए मुकाबला करेंगे। इनाम के अलावा, इस पहल का उद्देश्य देश भर के बिज़नेस लीडर्स को एक ऐसा भविष्य चुनने के लिए प्रेरित करना है, जो पूरी तरह AI पर आधारित हो।

deshpatrika

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