एकम्स ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2) में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्व में 32%, EBITDA में 106% और शुद्ध मुनाफे (PAT) में 168% की बढ़ोतरी दर्ज की
नवंबर 2026, नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइज़ेशन (CDMO) ‘एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड’ ने 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल परिणामों को की घोषणा की। कंपनी ने अपने CDMO बिज़नेस में लगातार रफ़्तार, अच्छी कस्टमर डिमांड और बेहतर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की मदद से राजस्व, ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी और टैक्स के बाद प्रॉफिट में अच्छी बढ़ोत्तरी की है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2) के लिए एकम्स ने 1,342 करोड़ रुपये का राजस्व रिपोर्ट किया। यह आंकड़ा Q2 FY26 के1,018 करोड़ रुपये के मुकाबले साल-दर-साल 31.9% की ग्रोथ दिखाता है। EBITDA साल-दर-साल 106% बढ़कर 195 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 94 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन Q2 FY26 के 9.3% से बढ़कर 14.5% हो गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 115 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही के 43 करोड़ रुपये के मुकाबले 168% की ग्रोथ दिखाता है, और PAT मार्जिन 4.1% से बढ़कर 8.4% हुआ।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1 FY27) में भी अपनी अच्छी ग्रोथ जारी रखी। इस दौरान कंपनी का राजस्व 2,509 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2,042 करोड़ रुपये था। इस तरह राजस्व में 22.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं EBITDA पिछले साल के 223 करोड़ रुपये से बढ़कर 369 करोड़ रुपये हो गया, यानी इसमें 65.3% की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) भी दोगुना होकर 107 करोड़ रुपये से बढ़कर 216 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके अलावा EBITDA मार्जिन 10.9% से बढ़कर 14.7% हो गया। यह कंपनी की बेहतर कार्यक्षमता और मुनाफे में बढ़ोतरी को दर्शाता है।
CDMO बिजनेस कंपनी की ग्रोथ का मुख्य आधार बना रहा। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में इस बिजनेस से 1,115 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 804 करोड़ रुपये था। इस तरह CDMO बिजनेस के राजस्व में सालाना आधार पर 38.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं CDMO का EBITDA भी पिछले साल की इसी तिमाही के 84 करोड़ रुपये से बढ़कर 168 करोड़ रुपये हो गया। यानी इसमें 99.6% की वृद्धि दर्ज की गई। इस ग्रोथ में बिक्री की मात्रा में दोहरे अंकों की अच्छी बढ़ोतरी का योगदान रहा। यह लगातार बनी हुई मांग और भारतीय फार्मा बाजार में कंपनी की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
इन परिणामों पर टिप्पणी करते हुए मैनेजिंग डॉयरेक्टर श्री संजीव जैन ने कहा, “हम भारत के सबसे बड़े CDMO कम्पनी के तौर पर अपनी जगह मज़बूत करने के लिए समर्पित हैं। मांग अभी भी तेज है। यह तेजी भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग साझेदारों की बढ़ती अहमियत को दिखाता है। हम अपने मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश कर रहे हैं, और अपने साझेदारों की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं को मज़बूत कर रहे हैं। हमारा फोकस ऑपरेशनल एक्सीलेंस, लगातार क्वालिटी और भरोसे पर आधारित लंबे समय के रिश्ते बनाने पर है।”
मैनेजिंग डायरेक्टर श्री संदीप जैन ने कहा, “हमारा उद्देश्य एकम्स को दुनिया भर में मशहूर CDMO कम्पनी बनाना है। हम चाहते हैं कि कम्पनी अलग-अलग मार्केट, डोज़ फ़ॉर्म और थेराप्यूटिक सेगमेंट में फैली हों। हम ग्लोबल मार्केट के लिए अपनी प्रोडक्ट पाइपलाइन को मज़बूत करके और अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाकर इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं। यूरोप के बाजार के लिए 30 से ज्यादा प्रोडक्ट की मजबूत पाइपलाइन के साथ हम अपने प्रोडक्ट की संख्या बढ़ाने और दुनिया भर के साझेदारों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के अच्छे अवसर देख रहे हैं। हमारा ध्यान एक ऐसा मजबूत और टिकाऊ बिजनेस तैयार करने पर है, जिसमें बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग, दवाओं के फॉर्मूलेशन की विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का सही तालमेल हो। इससे हमें भविष्य में लगातार आगे बढ़ने और अपने लंबे समय के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।”
इस तिमाही के दौरान एकम्स ने फार्मास्यूटिकल्स से आगे बढ़कर अपनी मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक और कदम उठाया। अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, प्योर एंड क्योर हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिए कंपनी ने ओरिफ्लेम इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस को ₹56 करोड़ में खरीद लिया। इस ट्रांज़ैक्शन में रुड़की, उत्तराखंड और नोएडा, उत्तर प्रदेश में मौजूद दो मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ-साथ नोएडा में एक लीज़ पर लिया गया वेयरहाउस शामिल है। यह डेवलपमेंट कलर कॉस्मेटिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एकम्स के प्रवेश को दिखाता है और स्किनकेयर और वेलनेस प्रोडक्ट्स में इसकी क्षमताओं को बढ़ाता है। इससे कंपनी को ब्यूटी और पर्सनल केयर इंडस्ट्री की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल करने का मौका भी मिलेगा।
हमारे लगातार प्रयासों से एकम्स के मुख्य CDMO बिजनेस को मजबूत करने, मैन्युफैक्चरिंग के नए सेक्टर में अवसर तलाशने और प्रोडक्ट की संख्या बढ़ाने पर कंपनी का फोकस साफ दिखाई देता है। बढ़ती प्रोडक्ट पाइपलाइन, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिशों के साथ, कंपनी अपने बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाने और उसे पहले से ज्यादा डायवर्सिफाय (विविध) की दिशा में काम कर रही है।
