गुजरात उच्च न्यायालय की हेलमेट नियम लागू करने पर कड़ी टिप्पणियों को सड़कों पर कार्रवाई में बदलना चाहिए: टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन

गुजरात उच्च न्यायालय की हेलमेट नियम लागू करने पर कड़ी टिप्पणियों को सड़कों पर कार्रवाई में बदलना चाहिए: टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन

एसोसिएशन ने न्यायालय के हस्तक्षेप का स्वागत किया, वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने का आह्वान किया, और नकली ISI मार्का वाले हेलमेटों पर भी समानांतर कार्रवाई का आग्रह किया।

अक्टूबर, 2026: टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने अनिवार्य हेलमेट नियमों को प्रभावी ढंग से लागू न करने पर गुजरात उच्च न्यायालय की कड़ी टिप्पणियों का स्वागत किया है, और दोपहिया वाहन चालकों तथा पीछे बैठने वाले यात्रियों दोनों के लिए हेलमेट नियमों को तत्काल, निरंतर और राज्यव्यापी स्तर पर लागू करने का आह्वान किया है।

अहमदाबाद में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यवाही के दौरान, गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से हेलमेट नियमों के अनुपालन की स्पष्ट कमी पर सवाल उठाया और पूछा कि मौजूदा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। न्यायालय ने दोपहिया वाहनों और डंपर ट्रकों से जुड़ी घातक सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग जैसी खतरनाक प्रथाओं पर भी चिंता जताई।

टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजीव कपूर ने कहा: “हम हेलमेट नियम लागू करने पर गुजरात उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणियों का स्वागत और सराहना करते हैं। हेलमेट के नियम मानव जीवन की रक्षा के लिए हैं, और उनकी प्रभावशीलता केवल कागजों पर नियम होने के बजाय निरंतर कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। सवारों और पीछे बैठने वाले दोनों यात्रियों को लागू आवश्यकताओं का पालन करना चाहिए। नियमों को लागू करने में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए, और सड़क सुरक्षा को सुविधा का विषय नहीं माना जाना चाहिए।”

एसोसिएशन का मानना है कि न्यायालय का हस्तक्षेप गुजरात के लिए सड़क-सुरक्षा प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) को मजबूत करने, लागू हेलमेट कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने और दोपहिया वाहन सवारों की सुरक्षा के लिए एक निरंतर तंत्र स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हम गुजरात सरकार और ट्रैफिक पुलिस से आग्रह करते हैं कि वे इन टिप्पणियों को एक स्पष्ट, समयबद्ध प्रवर्तन रणनीति में बदलें, जिसे नियमित निगरानी, जन जागरूकता और जवाबदेही का समर्थन प्राप्त हो।

सरकार द्वारा 650 ट्रैफिक कर्मियों की कथित भर्ती से नियमों को सख्ती से लागू करने का अवसर मिलता है

राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि 650 यातायात कर्मियों की भर्ती की गई है। सरकार ने यह भी कहा कि ट्रैफिक ब्रिगेड के जवानों को तैनात करने से पहले 30 दिनों के भीतर यातायात-प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

एसोसिएशन का मानना है कि इस भर्ती और प्रशिक्षण पहल का उपयोग हेलमेट नियमों के अनुपालन सहित सड़क पर प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए।

श्री कपूर ने आगे कहा: “650 यातायात कर्मियों की भर्ती यातायात प्रबंधन और सड़क-सुरक्षा प्रवर्तन को सुदृढ़ करने का एक अवसर है। नियमित जांच, कानून के तहत उचित दंड और निरंतर निगरानी से एक ऐसी संस्कृति बनाने में मदद मिल सकती है जिसमें हेलमेट पहनना एक सामान्य और गैर-परक्राम्य (नॉन-नेगोशिएबल) सुरक्षा अभ्यास बन जाए।”

प्रवर्तन सवार और पीछे बैठने वाले यात्री दोनों पर लागू होना चाहिए। पीछे की सीट पर यात्रा करने वाला व्यक्ति भी सुरक्षा का उतना ही हकदार है।

नकली ISI-मार्का हेलमेट पर भी कार्रवाई होनी चाहिए

हालांकि हेलमेट नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है, एसोसिएशन ने जोर दिया है कि सड़क-सुरक्षा का प्रयास तब तक अधूरा रहेगा जब तक कि अधिकारी नकली और गैर-मानक हेलमेट के निर्माण और बिक्री पर रोक नहीं लगाते।

केवल हेलमेट की दिखावट या मुद्रित प्रमाणन चिह्न की उपस्थिति से यह स्थापित नहीं हो सकता कि यह असली है। नकली ISI मार्क वाले उत्पाद उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं।

एसोसिएशन ने इसलिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), गुजरात पुलिस, उपभोक्ता संरक्षण अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से निरीक्षण तेज करने और लागू प्रमाणन एवं उत्पाद-सुरक्षा आवश्यकताओं का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

श्री कपूर ने कहा: “हमें हेलमेट-सुरक्षा चुनौती के दोनों पक्षों को संबोधित करना चाहिए। जहां एक ओर वाहन चालकों को हेलमेट पहनना चाहिए, वहीं बाजार को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उपभोक्ताओं की पहुंच वास्तविक, सुरक्षित उत्पादों तक हो। नकली ISI मार्का वाला हेलमेट सुरक्षा का एक खतरनाक झूठा अहसास पैदा कर सकता है। हम अधिकारियों से BIS लाइसेंस विवरण सत्यापित करने, निर्माण सुविधाओं का निरीक्षण करने और उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं।”

गुजरात के लिए त्रि-स्तरीय सड़क-सुरक्षा रणनीति

एसोसिएशन ने तीन प्राथमिकताओं के इर्द-गिर्द एक समन्वित दृष्टिकोण का आह्वान किया है:

  1. सख्त हेलमेट अनुपालन: सवारों और पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए लागू हेलमेट नियमों का निरंतर प्रवर्तन, नियमित जांच और उल्लंघनों के खिलाफ उचित कार्रवाई।
  2. नकली उत्पादों पर कार्रवाई: मजबूत बाजार निगरानी, ​​प्रमाणन का सत्यापन और नकली ISI-मार्का तथा गैर-मानक हेलमेट के निर्माण, वितरण और बिक्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
  3. जन जागरूकता और जवाबदेही: वाहन चालकों को असली और सुरक्षित हेलमेट के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए निरंतर अभियान, साथ ही प्रवर्तन परिणामों की पारदर्शी निगरानी।

एसोसिएशन ने यह सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस, BIS और राज्य प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का भी आह्वान किया है ताकि हेलमेट अनुपालन में सुधार के प्रयासों को उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे उत्पादों पर प्रभावी नियंत्रण का साथ मिल सके।

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