भारत ने पुणे में यूसीआईरोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 की मेजबानी की बोली जीती

पुणे ने यूसीआई रोड वर्ल्ड चैम्पियनशिप 2032 की मेजबानी का अधिकार हासिल कर लिया है। इसके साथ ही साइकिल चलाकर प्रतिस्पर्धा करने वाला यह वैश्विक मंच पहली बार भारत आ रहा है, जो महाराष्ट्र और देश की खेल से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह ऐतिहासिक बोली महाराष्ट्र सरकार और साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) का एक संयुक्त प्रयास थी, जिसे भारत सरकार का भी समर्थन प्राप्त था। इसका उद्देश्य पुणे को साइकिल चलाने के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना और पूरे जिले, महाराष्ट्र तथा भारत में इस खेल की एक स्थायी छाप छोड़ना है।

यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग कैलेंडर में सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक है, जो दुनिया के अग्रणी राइडर्स को प्रतिष्ठित रेनबो जर्सी के लिए प्रतिस्पर्धा करने हेतु एक साथ लाती है। इस चैंपियनशिप के पैमाने का अंदाजा इसके हालिया संस्करणों से लगाया जा सकता है। किगाली में आयोजित 2025 यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप में 113 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 734 राइडर्स शामिल हुए थे, जिसने लगभग 20 लाख दर्शकों को आकर्षित किया और दुनिया भर में लगभग 30 करोड़ दर्शकों का कुल टीवी व्यूअरशिप हासिल किया। इस कार्यक्रम में पांच महाद्वीपों के 308 मीडिया प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।

यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनल (यूसीआई) के अध्यक्ष डेविड लापार्टिएंट ने कहा, “पुणे के जिला कलेक्टर श्री जितेंद्र डूडी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल द्वारा यूसीआई प्रबंधन समिति को पेश की गई ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर’ की रिपोर्ट बेहद उत्साहजनक है। साइक्लिंग नए क्षेत्रों में लगातार विकसित हो रही है, जहाँ इसमें एक प्रमुख खेल बनने की अपार संभावनाएँ हैं। प्रमुख हितधारकों की प्रतिबद्धता और उत्साह के बदौलत भारत एक ऐसा देश है जहाँ हमारे खेल का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।”

पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने कहा, “यह पुणे के लिए एक ऐतिहासिक पल है और महाराष्ट्र सरकार तथा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के साझा विजन का परिणाम है। यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करना केवल एक साइकिल रेस का आयोजन करना भर नहीं है; यह पुणे और भारत को अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग के सबसे प्रमुख वार्षिक मंचों में से एक पर ला खड़ा करता है। यह आयोजन एलीट स्पोर्ट्स, बड़े पैमाने पर जनता की भागीदारी, वैश्विक प्रसारण, पर्यटन, आर्थिक प्रभाव और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग को एक साथ लाता है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पुणे को एक वैश्विक शहर के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने और भारत में साइक्लिंग व खेलों के लिए एक स्थायी विरासत छोड़ने का अवसर देता है।”

साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव मनिंदर पाल सिंह ने कहा, “भारतीय साइक्लिंग के लिए यह केवल भाग लेने से आगे बढ़कर प्रदर्शन करने और अंतरराष्ट्रीय रेसों की मेजबानी करने से लेकर वैश्विक साइक्लिंग चर्चा का हिस्सा बनने का एक अवसर है। 2032 तक के ये वर्ष हमारे एथलीटों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों के लिए मजबूत रास्ते तैयार करने, भारत में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता लाने और हमारे राइडर्स को इस खेल के उच्चतम मानकों का अनुभव प्रदान करने के लिए होंगे। साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया इस अवसर का उपयोग एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने के लिए करने के लिए प्रतिबद्ध है जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों और प्रणालियों का मुकाबला कर सके।”

2032 यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2036 ओलंपिक महत्वाकांक्षाओं की दिशा में भारत की दीर्घकालिक खेल यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। राष्ट्रीय खेल नीति 2025 वैश्विक मंच पर उत्कृष्टता, ग्रासरूट्स-टू-एलीट पाथवे, विश्व स्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पोर्ट्स टूरिज्म और खेल कर्मियों के विकास को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में पहचानती है। इसके साथ ही, यह 2036 ओलंपिक खेलों सहित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्टता के लिए भारत को स्पष्ट रूप से तैयार करती है।

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