द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो (3/5 ⭐⭐⭐) – मासूमियत, रिश्तों और पर्यावरण का प्यारा संदेश
निर्देशक मनीष सैनी की ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ एक हल्की-फुल्की पारिवारिक फिल्म है, जो बच्चों की कल्पनाओं, दादा-पोते के खूबसूरत रिश्ते और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को मनोरंजक अंदाज में पेश करती है। फिल्म की कहानी दीपू नाम के एक बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने दोस्तों के सामने अपने दादा को सुपरहीरो बताकर एक काल्पनिक दुनिया रच देता है। लेकिन हालात तब दिलचस्प हो जाते हैं जब एलियंस के आगमन के साथ उसकी कल्पना और हकीकत आपस में टकराने लगती हैं।
फिल्म का पहला भाग काफी मनोरंजक और भावनात्मक है। जैकी श्रॉफ ने दादा के किरदार में अपनी सहज अदाकारी से दिल जीत लिया है, जबकि बाल कलाकार मिहिर गोडबोले का अभिनय भी प्रभावशाली है। फिल्म बच्चों की मासूम सोच और परिवार के महत्व को खूबसूरती से दर्शाती है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण का संदेश बिना उपदेशात्मक हुए कहानी में स्वाभाविक रूप से पिरोया गया है।
हालांकि, फिल्म का दूसरा भाग उतना प्रभावशाली नहीं बन पाता। सीमित बजट के कारण वीएफएक्स और एलियन से जुड़े दृश्य कमजोर महसूस होते हैं। क्लाइमेक्स में भी वह रोमांच और प्रभाव नहीं दिखता जिसकी उम्मीद बनती है। इसके बावजूद फिल्म अपने भावनात्मक पलों और सकारात्मक संदेश के कारण दर्शकों को जोड़े रखने में सफल रहती है।
‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ एक सरल, साफ-सुथरी और परिवार के साथ देखी जाने वाली फिल्म है, जो खासतौर पर बच्चों को पसंद आएगी। अगर आप हल्के मनोरंजन और सकारात्मक संदेश वाली फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।
