“ताजमहल के सामने शूटिंग करना सपना सच होने जैसा था,” कहती हैं राखी शर्मा, कलर्स के ‘दो दुनिया एक दिल’ के बारे में
कलर्स का ‘दो दुनिया एक दिल’ अपने प्रीमियर से ही दर्शकों के दिलों में जगह बना चुका है। यह शो दर्शकों को उस दुनिया में ले जाता है जहाँ ऑफलाइन और ऑनलाइन दुनिया सबसे अप्रत्याशित तरीक़े से टकराती है। इस कहानी के केंद्र में है शिवाय (विक्रम सिंह चौहान द्वारा निभाया गया किरदार), एक ऐसा इंसान जिसने अपने सपनों की नींव इस विश्वास पर रखी थी कि टेक्नॉलजी अच्छे काम कर सकती है। लेकिन एक खतरनाक डिजिटल स्कैम उसकी ज़िंदगी से सब कुछ छीन लेता है और उसे पूरी तरह से टूटकर बिखर जाने पर मजबूर कर देता है। दूसरी ओर है आध्या (राची शर्मा द्वारा निभाया गया किरदार), एक युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जिसने अपनी पूरी पहचान ऑनलाइन दुनिया में बनाई है। दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, फिर भी प्यार अपनी राह बना लेता है। कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि आध्या, बलदेव सिंह (सुधांशु पांडे) की बेटी है वही शख्स जिसने शिवाय की ज़िंदगी तबाह कर दी थी। ऐसे समय में जब सच्चाई बदलने योग्य है और भरोसा एक क्लिक में टूट सकता है, आध्या खुद को दो दुनियाओं के बीच फंसा हुआ पाती है एक तरफ़ वह डिजिटल ज़िंदगी जिसे उसने बनाया है और दूसरी तरफ़ वह भावनात्मक सच्चाई जो उसके चारों ओर खुलने लगती है। इस लेयर्ड किरदार को पर्दे पर उतारने के अनुभव को साझा करते हुए राची शर्मा बताती हैं कि आध्या की जर्नी उनके लिए किस तरह रोमांचक रही।
- ‘दो दुनिया एक दिल’ के बारे में बताइए। आध्या का किरदार आपको क्यों आकर्षित कर गया और आपने शो के लिए हाँ क्यों कहा?
- ‘दो दुनिया एक दिल उन दो दुनियाओं को दिखाता है जिनमें हम सब जीते हैं—एक ऑनलाइन बनाई हुई ज़िंदगी और दूसरी असली ज़िंदगी। मेरा किरदार, आध्या, पूरी तरह डिजिटल यूनिवर्स से जुड़ा है। उसे एल्गोरिद्म, एंगेजमेंट और वायरल होने का रोमांच समझ आता है क्योंकि उसी दुनिया ने उसे आत्मविश्वास, स्वतंत्रता और अपनी आवाज़ दी है। लेकिन उसकी सोच तब बदलती है जब शिवाय उसकी ज़िंदगी में आता है एक ऐसा इंसान जिसने ऑनलाइन दुनिया से पूरी तरह भरोसा खो दिया है, क्योंकि एक स्कैम ने उसकी सारी मेहनत और सपने छीन लिए। और सबसे बड़ी जटिलता यह है कि आध्या का पिता ही शिवाय की तबाही का कारण है। यही उसे प्यार, वफ़ादारी और सच्चाई के बीच खड़ा कर देता है। असल में, मुझे इस शो के लिए हाँ कहने पर मजबूर किया आध्या ने ही। वह लेयर्ड है और आज की पीढ़ी के लिए बेहद प्रासंगिक है—ऑनलाइन मज़बूत और आत्मविश्वासी दिखने वाली लड़की, जो असल ज़िंदगी में अपनी भावनाओं और फैसलों को लेकर उलझी हुई है। मुझे उसके अंदर का यह कॉन्फ्लिक्ट और उसकी इमोशनल जर्नी बहुत आकर्षित कर गई, जहाँ उसकी दोनों दुनियाएँ टकराती हैं। यह किरदार मॉडर्न है, रिलेटेबल है और ग्रोथ से भरा हुआ है, जो मेरे लिए एक्टर के तौर पर बेहद रोमांचक अनुभव रहा।
- अपने किरदार के बारे में बताइए और यह आपके पहले निभाए गए रोल्स से कितना अलग है?
- आध्या एक ऐसी लड़की है जो बेहद कॉन्फिडेंट, महत्वाकांक्षी और डिजिटल स्पेस में पूरी तरह सहज है। वह सचमुच रील्स की रानी है ऑनलाइन अटेंशन कमांड करना जानती है और वहाँ अपनी मज़बूत पहचान बना चुकी है। लेकिन इसके साथ ही उसके अंदर भावनात्मक कमजोरियाँ भी हैं, क्योंकि उसकी निजी ज़िंदगी हमेशा उतनी परफेक्ट नहीं रही जितनी बाहर से दिखती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है और शिवाय उसकी ज़िंदगी में आता है, आध्या खुद को अपने बढ़ते जज़्बात और अपनी पहचान से जुड़े राज़ों के बीच उलझा हुआ पाती है। यही उसकी जर्नी को और भी इमोशनल और कॉम्प्लिकेटेड बना देता है। आध्या को मेरे पहले निभाए गए किरदारों से अलग बनाता है उसका मॉडर्न और लेयर्ड होना। एक ऐसा किरदार निभाना, जो पब्लिकली मज़बूत पर्सोना रखता है लेकिन अंदर ही अंदर निजी कॉन्फ्लिक्ट्स से जूझता है, मेरे लिए नया और बेहद रोमांचक अनुभव रहा।
- इस रोल के लिए आपने कैसे तैयारी की?
- मैं आध्या से काफी अलग हूँ क्योंकि मेरी ज़िंदगी सोशल मीडिया पर आधारित नहीं है। लेकिन जेन Z का हिस्सा होने के नाते मैं उस स्पेस को समझती हूँ जिसमें वह रहती है। इस रोल की तैयारी के दौरान मैंने किसी खास क्रिएटर या इन्फ्लुएंसर को फॉलो नहीं किया। इसके बजाय मैंने आध्या की कहानी अपने दिमाग में बनाई—उसका बचपन कैसा रहा होगा, किन चीज़ों ने उसके फैसलों को आकार दिया होगा और वह इन्फ्लुएंसिंग की दुनिया तक कैसे पहुँची होगी। मेरे हिसाब से आध्या ऐसी लड़की है जिसके सपने सोशल मीडिया से परे भी थे, लेकिन पिता की कुछ पाबंदियों के कारण वह उन्हें पूरा नहीं कर पाई। ऐसे में इन्फ्लुएंसिंग उसके लिए वह जगह बन गई जहाँ वह खुद को व्यक्त कर सकती थी और अपनी पहचान बना सकती थी। यही सोच मुझे आध्या को सिर्फ एक सोशल मीडिया पर्सनालिटी से आगे देखने में मदद करती है। ऊपर से वह आत्मविश्वासी, एक्सप्रेसिव और अपने ऑनलाइन वर्ल्ड पर पूरी तरह कंट्रोल में दिखती है। लेकिन उसके अंदर एक बहुत ही निजी और भावनात्मक पक्ष भी है—एक ऐसी लड़की जो अब भी अधूरे सपने और गहरी कहानियाँ अपने भीतर लिए हुए है, जिन्हें स्क्रीन के पीछे लोग हमेशा नहीं देख पाते। मुझे लगता है यही कॉन्ट्रास्ट उसकी जर्नी को इस डिजिटल-एज लव स्टोरी में और भी दिलचस्प बनाता है।
- कहानी आगरा में सेट है और आपने वहाँ काफी समय शूटिंग में बिताया। वह अनुभव आपके लिए कैसा रहा?
- यह मेरे लिए बेहद खास अनुभव था क्योंकि आगरा एक खूबसूरत शहर है, जहाँ इतिहास और संस्कृति की भरमार है। ताजमहल के सामने शूट करना मेरे लिए एक सपना पूरा होने जैसा था। वहाँ शूटिंग का समय शानदार रहा और पूरा शेड्यूल यादगार पलों से भरा हुआ था। शूटिंग के दौरान हम कन्नौज भी गए, जो मेरे लिए बहुत दिलचस्प अनुभव रहा। वहाँ से मैंने कई ऑब्ज़र्वेशन लेकर लौटे, ख़ासकर लोगों के बारे में। सब लोग बेहद गर्मजोशी से मिले और मददगार रहे। लोकल लोगों का सपोर्ट शूटिंग को और आसान और आरामदायक बना देता है। एक चीज़ मुझे साफ़ याद है आगरा में शूटिंग के दौरान कितनी ठंड थी। मौसम जमाने वाला था, लेकिन टीम स्पिरिट ने सबको आगे बढ़ाया और मेहनत ने अपना रंग दिखाया।
- गृह मंत्रालय के साथ सहयोग से शो का संदेश कैसे मज़बूत होता है?
- यह सहयोग शो को और भी सार्थक बना देता है क्योंकि इसकी कहानी आज की वास्तविकताओं से जुड़ी हुई है। डिजिटल दुनिया हमें अद्भुत अवसर देती है, लेकिन यदि हम सावधान न रहें तो इसमें जोखिम भी हैं। गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साथ साझेदारी के माध्यम से दो दुनिया एक दिल एक महत्वपूर्ण जागरूकता संदेश भी देता है। शो में ऑन-स्क्रीन डिस्क्लेमर शामिल किए गए हैं जो दर्शकों को तुरंत साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए 1930 पर कॉल करने या cybercrime.gov.in पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं। शिवाय की हानि के माध्यम से शो दर्शकों को याद दिलाता है कि सतर्क रहें, क्लिक करने से पहले ठहरें, भरोसा करने से पहले सत्यापित करें और समझें कि तकनीक हमें सशक्त बना सकती है, लेकिन यह भी उतना ही ज़रूरी है कि हम उसके उपयोग पर नियंत्रण बनाए रखें।
- को-कास्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
- सुधांशु सर के साथ काम करना एक शानदार अनुभव रहा है क्योंकि वह इतने कुशल अभिनेता हैं कि सेट पर उन्हें देखकर ही बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उनकी मज़बूत स्क्रीन प्रेज़ेन्स के बावजूद वह बेहद गर्मजोशी से भरे और सहज हैं। शुरुआती दिनों में वह अक्सर दृश्यों के बारे में छोटे-छोटे सुझाव साझा करते थे, जो मेरे लिए बहुत मददगार साबित हुए। कैमरे के बाहर भी वह अपनी कहानियों और हास्य से माहौल हल्का बनाए रखते हैं। विक्रम के साथ काम करना भी बहुत आसान और आरामदायक रहा है। वह अपने काम को लेकर बेहद ईमानदार हैं और एक सहयोगी सह-अभिनेता के रूप में हमेशा साथ देते हैं, जिससे हमारे दृश्य स्वाभाविक लगते हैं। शॉट्स के बीच हमने कई मज़ेदार पल भी साझा किए हैं, इसलिए कुल मिलाकर दोनों के साथ काम करना एक सकारात्मक अनुभव रहा है।
- आज हम सब कुछ से बस एक क्लिक की दूरी पर हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया के बारे में आपके विचार क्या हैं, और आप दोनों से कैसे तालमेल बिठाते हैं?
- सच कहूँ तो, मेरे लिए ऑनलाइन दुनिया मेरे रोज़मर्रा के जीवन का एक बड़ा हिस्सा है क्योंकि यहीं मैं अपना काम साझा करती हूँ, खुद को व्यक्त करती हूँ और उन लोगों से जुड़ती हूँ जो मेरे काम से जुड़ाव महसूस करते हैं। जैसा कि कई इन्फ्लुएंसर्स कहते हैं, सोशल मीडिया के दो पहलू हैं। एक तरफ यह एक शक्तिशाली मंच है जो आपको समुदाय बनाने, ज़रूरी मुद्दों पर जागरूकता फैलाने और तुरंत लोगों तक पहुँचने का अवसर देता है। लेकिन इसका एक अंधेरा पक्ष भी है ट्रोलिंग, धोखाधड़ी और अनावश्यक नकारात्मकता बिल्कुल वास्तविक हैं, और कई बार लोग भूल जाते हैं कि स्क्रीन के पीछे भी एक असली इंसान होता है। मैंने खुद भी ऐसा अनुभव किया है जब मुझे मेरे पिता के नाम से एक धोखाधड़ी कॉल आया था। यह काफी चौंकाने वाला था क्योंकि इससे पता चला कि लोग कितनी आसानी से आपको गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं। उस अनुभव ने मुझे और सतर्क बना दिया कि हमें कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। यही वजह है कि मैं मानती हूँ कि ऑनलाइन दुनिया को पूरी तरह आपकी वास्तविकता पर हावी नहीं होने देना चाहिए। मैं कोशिश करती हूँ कि एक स्वस्थ सीमा बनाए रखूँ और खुद को याद दिलाती हूँ कि ऑनलाइन जो दिखता है वह अक्सर सिर्फ एक हाइलाइट होता है। परिवार और दोस्तों के साथ ऑफलाइन समय बिताना उतना ही ज़रूरी है ताकि हम ज़मीन से जुड़े रहें।
- आने वाले कहानी में दर्शक क्या देखने की उम्मीद कर सकते हैं?
- “दो दुनिया एक दिल उस कहानी को जीवंत करता है जो हमारी वास्तविक दुनिया और उस दुनिया के बीच है जिसे हम अपने डिवाइस के ज़रिए साथ लेकर चलते हैं दो अलग-अलग स्पेस जिन्हें हम लगातार नेविगेट करते रहते हैं। अब जब शो लॉन्च हो चुका है और दर्शक इस सफ़र में कदम रख चुके हैं, कहानी आगे यह खोजती है कि जब ये दोनों दुनिया सबसे व्यक्तिगत तरीके से प्यार के ज़रिए टकराती हैं तो क्या होता है। क्या प्यार सच्चाई के झटके, धोखे और ऑनलाइन-ऑफलाइन दुनिया की धुंधली सीमाओं को झेल पाएगा? जैसे-जैसे एपिसोड आगे बढ़ेंगे, दर्शक गहरी भावनाएँ, अप्रत्याशित मोड़ और रिश्तों की ऐसी कसौटी देखेंगे जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। दो दुनिया एक दिल देखिए हर रात 9:00 बजे सिर्फ कलर्स और जियोहॉटस्टार पर।
देखिए ‘दो दुनिया एक दिल’ हर सोमवार से शुक्रवार रात 9:00 बजे सिर्फ कलर्स और जियोहॉटस्टार पर।
