अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण महिलाएँ बनीं सौर उद्यमी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण महिलाएँ बनीं सौर उद्यमी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बिंदी इंटरनेशनल ने दस ग्रामीण महिला सौर प्रशिक्षुओं के स्नातक समारोह का आयोजन किया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय “Give to Gain” रखा गया, जिसका संदेश है कि महिलाओं में किया गया निवेश सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्तर पर दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव ला सकता है। बिंदी का मानना है कि जब महिलाएँ समृद्ध होती हैं, तो समुदाय भी आगे बढ़ता है और पृथ्वी भी समृद्ध होती है।

इस बैच में पाँच महिलाएँ राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों से और पाँच नागालैंड से थीं। सभी प्रतिभागियों ने पाँच महीने का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण में सौर तकनीक की स्थापना और रखरखाव, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता तथा व्यक्तिगत सशक्तिकरण से जुड़े विषय शामिल थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी कौशल के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने समुदायों में सौर तकनीशियन और उद्यमी के रूप में काम कर सकें और दूरस्थ गाँवों में स्वच्छ ऊर्जा की पहुँच बढ़ा सकें।

समारोह की शुरुआत प्रशिक्षुओं द्वारा सामूहिक रूप से सौर दीप जलाकर की गई, जो उनके शिक्षार्थी से नेतृत्वकर्ता बनने की यात्रा का प्रतीक था। इस अवसर पर दो प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए। राजस्थान की श्वेता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने औज़ारों का इस्तेमाल करना और सौर प्रणालियाँ स्थापित करना सीखा, जिससे उनमें स्वतंत्र रूप से काम करने का आत्मविश्वास बढ़ा। नागालैंड की नाशी ने कहा कि इस कार्यक्रम ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया और उन्हें यह विश्वास दिया कि महिलाएँ भी नेतृत्व कर सकती हैं, आय अर्जित कर सकती हैं और अपने समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कार्यक्रम के दौरान “विमेन जर्नी सर्कल” भी आयोजित किया गया, जहाँ प्रशिक्षुओं ने आत्म-संदेह और सामाजिक बाधाओं को पार करने की अपनी यात्रा साझा की। एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने अपनी कहानी को मंचित किया—जब वे पहली बार प्रशिक्षण के लिए बिंदी पहुँचीं तो कैसी झिझक थी, किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और कैसे उम्मीद और सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। इस प्रस्तुति में यह संदेश भी दिया गया कि जब महिलाएँ नेतृत्व की भूमिका में आगे आती हैं, तो परिवार और समुदाय का सहयोग तथा जिम्मेदारियों की साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

समारोह में राजस्थान और नागालैंड की प्रशिक्षुओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिन्होंने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया।

स्नातक समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और सौर टूलकिट प्रदान किए गए। उन्होंने अपने गाँवों में रोशनी, गरिमा और नए अवसर पहुँचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बिंदी इंटरनेशनल की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन तथा रणनीतिक प्रमुख ग्लोरिया जोनाथन ने कहा,
 “महिलाओं का सशक्तिकरण सामाजिक और आर्थिक प्रगति के सबसे शक्तिशाली साधनों में से एक है। इस महिला दिवस पर हम महिलाओं की दृढ़ता और नेतृत्व का सम्मान करते हुए यह संकल्प दोहराते हैं कि हम ऐसे अवसर और व्यवस्थाएँ बनाएँगे जहाँ महिलाएँ और लड़कियाँ अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें।”

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने यह साझा किया कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किस तरह योगदान देंगे। यह “Give to Gain” की भावना को दर्शाता है—यह विश्वास कि सामूहिक सहयोग से नेतृत्व, अवसर और प्रगति के नए रास्ते खुलते हैं।

बिंदी इंटरनेशनल ग्रामीण भारत के विभिन्न राज्यों में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु नेतृत्व और हरित उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। संगठन के समेकित कार्यक्रम महिलाओं को समुदाय स्तर पर नेतृत्वकर्ता और परिवर्तनकारी के रूप में सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं।

deshpatrika

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