गुजरात का रियल एस्टेट सेक्टर शहरी विकास के अगले चरण के लिए तैयारगुजरात नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव में शहरी विकास और ग्रोथ के अगले चरण को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा

गुजरात का रियल एस्टेट सेक्टर शहरी विकास के अगले चरण के लिए तैयारगुजरात नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव में शहरी विकास और ग्रोथ के अगले चरण को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा

अहमदाबाद, 28 जनवरी 2026: गुजरात का रियल एस्टेट सेक्टर शहरी विकास और ग्रोथ के अगले चरण को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के लिए तैयार है। नारेडको गुजरात नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव 2026 में राज्य की भागीदारी का नेतृत्व करेगा। यह भागीदारी राष्ट्रीय मंच पर गुजरात के प्रगतिशील शहरी विकास दृष्टिकोण, इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास और विकसित हो रहे रियल एस्टेट इकोसिस्टम को प्रस्तुत करेगा।

इस भागीदारी के तहत गुजरात अपनी नियोजित शहरीकरण पहलों, सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर और उन सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेगा, जिन्होंने राज्य में टिकाऊ शहरी विकास को गति दी है। संतुलित विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और दूरदर्शी शहरी नियोजन मॉडल गुजरात की प्रमुख पहचान के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किए जाएंगे।

कॉन्क्लेव में वरिष्ठ नीति निर्माता, सरकारी अधिकारी, प्रमुख डेवलपर्स, वित्तीय संस्थान, निवेशक, शहरी योजनाकार और उद्योग विशेषज्ञ भारत के रियल एस्टेट और शहरी विकास के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चाओं का फोकस शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, निवेश को प्रोत्साहित करने, स्थिरता को अपनाने और स्मार्ट शहरों के निर्माण में तकनीक की भूमिका पर रहेगा।

13–14 फरवरी 2026 को यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव राज्य को अपनी विकास यात्रा और भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। गुजरात की भागीदारी भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण और भारत की शहरी विकास यात्रा में सार्थक योगदान देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।

कॉन्क्लेव के दौरान ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), किराये के आवास, संरचित और टिकाऊ पुनर्विकास, रेरा के तहत नियामक सुधार, दिवाला और दिवालियापन संहिता तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बीच तालमेल, संस्थागत निवेश, संपत्ति लेनदेन का डिजिटलीकरण, प्रॉपटेक को अपनाने और किफायती आवास जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी। यह एजेंडा विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।

भारत का रियल एस्टेट सेक्टर एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है, जिसे आर्थिक विकास, तेज शहरीकरण और सहायक नीतिगत वातावरण का समर्थन मिल रहा है। अनुमान है कि 2047 तक भारत की लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी, ऐसे में पारदर्शी, कुशल और तकनीक आधारित शहरी विकास ढांचे की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यह कॉन्क्लेव ऐसे व्यावहारिक सुझावों पर केंद्रित रहेगा जो दीर्घकालिक विकास, निवेशकों के भरोसे और शहरी जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकें।

गुजरात की भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए नारेडको गुजरात के प्रेसिडेंट श्री योगेश सी. भावसार ने कहा, “गुजरात, विशेष रूप से अहमदाबाद, नियोजित शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट नवाचार के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरा है। नारेडको का गुजरात चैप्टर क्षेत्रीय अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव 2026 में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

नारेडको के नेशनल प्रेसिडेंट श्री प्रवीण जैन ने कहा, “जैसे-जैसे भारत एक विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है, नीति निर्माताओं और उद्योग के बीच सहयोग बेहद आवश्यक है। यह कॉन्क्लेव नियामकीय सुधारों, रेरा को सशक्त बनाने, संस्थागत निवेश आकर्षित करने और टेक्नोलॉजी के माध्यम से सेक्टर में विश्वास और दक्षता बढ़ाने पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाएगा।”

नारेडको के चेयरमैन डॉ. निरंजन हिरानंदानी ने कहा, “नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव 2026 भारत की विकास यात्रा के एक निर्णायक दौर में आयोजित हो रहा है। रियल एस्टेट केवल एक सेक्टर नहीं, बल्कि आर्थिक विस्तार, रोजगार सृजन और शहरी परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, नियामकीय सुधारों, संस्थागत निवेश और डिजिटल गवर्नेंस पर केंद्रित चर्चाओं के माध्यम से यह कॉन्क्लेव विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप एक पारदर्शी, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार रियल एस्टेट इकोसिस्टम को आकार देने में मदद करेगा।”

राष्ट्रीय शहरी और रियल एस्टेट विकास कॉन्क्लेव 2026 में देश भर से व्यापक भागीदारी की उम्मीद है और यह सेक्टर में नीतिगत संवाद, निवेश को गति देने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा। नारेडकोअहमदाबाद गुजरात के उद्योग जगत के नेताओं, डेवलपर्स, निवेशकों और पेशेवरों से इस कॉन्क्लेव में सक्रिय रूप से भाग लेने और भारत के शहरी एवं रियल एस्टेट भविष्य को आकार देने में योगदान देने का आग्रह करता है।

नारेडको के बारे में

नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) की स्थापना वर्ष 1998 में भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में की गई थी। यह रियल एस्टेट सेक्टर की शीर्ष राष्ट्रीय संस्था है। नारेडको सरकार, उद्योग जगत के नेताओं, डेवलपर्स और वित्तीय संस्थानों को एक मंच पर लाकर रियल एस्टेट और शहरी विकास में पारदर्शिता, नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं और सतत विकास को बढ़ावा देता है।

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