राजकोट में एनएसई ने आयोजित किया निवेशक जागरूकता कार्यक्रम, वित्तीय साक्षरता और सुरक्षित निवेश के लिए किया प्रचार
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने शुक्रवार को गुजरात के राजकोट में निवेशक जागरूकता कार्यक्रम (आईएपी) का आयोजन किया। इसका उद्देश्य लोगों में वित्तीय समझ व जिम्मेदार निवेश को बढ़ावा देना और क्षेत्र में निवेशकों को जागरूक बनाना रहा।
इस कार्यक्रम में नए और मौजूदा निवेशकों समेत प्रोफेशनल्स और छात्रों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह पहल एनएसई की देशभर में चल रही कोशिशों का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य निवेशकों को वित्त संबंधी जानकारी देना और निवेशकों के लिए जागरूक माहौल तैयार करना है, ताकि उनकी वित्तीय भलाई सुनिश्चित हो सके।
निवेशकों को जागरूक कर बनाया गया सशक्त
नया साल नई शुरुआत और समझदारी भरे वित्तीय फैसलों का प्रतीक है। सत्र की शुरुआत वित्तीय और प्रतिभूति बाजारों को समझने से हुई, जिसमें यह बताया गया कि व्यक्तिगत लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से सही वित्तीय उत्पाद चुनना कितना जरूरी है। साथ ही, निवेशकों के अधिकार व जिम्मेदारियों, शिकायत निवारण व्यवस्था, धोखाधड़ी और ठगी से बचाव आदि पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, सत्र में आज के तेजी से बदलते वित्तीय बाजार में जागरूकता एवं सतर्कता बरतने और निर्णय लेने की अहमियत पर जोर दिया गया।

हाल ही में, सेबी ने ‘सेबी चेक’ मैकेनिज़्म शुरू किया है, जहाँ निवेशक किसी भी सेबी पंजीकृत मध्यस्थ की यूपीआई आईडी या बैंक खाता असली है या नहीं, इसकी जाँच कर सकते हैं। इसके लिए वे या तो क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं या फिर बैंक विवरण मैन्युअली डाल सकते हैं। निवेशकों से अनुरोध किया जाता है कि किसी भी सेबी पंजीकृत मध्यस्थ को भुगतान करने से पहले विवरण की जाँच जरूर करें।
गुजरात में बढ़ती निवेशक संख्या
गुजरात में शेयर बाजारों में भागीदारी बहुत मजबूत है। यहाँ लगभग 1.1 करोड़ पंजीकृत निवेशक हैं, जो इसे निवेशकों के मामले में तीसरा सबसे बड़ा राज्य बनाते हैं। यहाँ भारत के कुल निवेशकों का 8.7% हिस्सा है और पिछले 10 वर्षों में निवेशक वृद्धि की दर 17% से अधिक रही है। सिर्फ 2025 में ही लगभग 11 लाख नए निवेशक जुड़े हैं। राजकोट का नाम राज्य के उन पाँच शीर्ष जिलों में शामिल है, जो नए निवेशकों के पंजीकरण में 55% से अधिक योगदान देते हैं। गुजरात के निवेशकों में 28% महिलाएँ हैं, जो राष्ट्रीय औसत 25% से अधिक है।
एनएसई के एमडी और सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान ने कहा, “गुजरात में निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में उनका जागरूक होना बेहद जरुरी है। एनएसई में हमारा मानना है कि जागरूक निवेशक बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होते हैं, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित होती है। इस तरह के निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से हमारा प्रयास यही है कि हम नागरिकों को सही जानकारी देने, धोखाधड़ी से सावधान करने और भारत की विकास यात्रा में सुरक्षित रूप से हिस्सा लेने में मदद करें।“

Investor Awareness Programme
मजबूत निवेशक जागरूकता और सुरक्षा फ्रेमवर्क
एनएसई का इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड ट्रस्ट (आईपीएफटी) का कोष लगभग 2,754 करोड़ रुपए है, जो इसे वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत निवेशक सुरक्षा तंत्रों में से एक बनाता है।
एनएसई ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 16,000 से अधिक निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनके माध्यम से यह सम्पूर्ण देश में 8.3 लाख प्रतिभागियों से जुड़ा है। इन कार्यक्रमों ने छात्रों, महिला उद्यमियों, ग्रामीण निवेशकों, सशस्त्र बलों के कर्मचारियों और पहली बार निवेश करने वालों तक पहुँच स्थापित की है।
एक्सचेंज ने #SEBIvsSCAM (सेबी वर्सेस स्कैम) जैसे राष्ट्रीय स्तर के अभियान भी चलाए हैं, टेलीविजन, प्रिंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निवेशक जागरूकता संदेश प्रसारित किए हैं, और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रमों के साथ साझेदारी करके वित्तीय जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया है।
निवेशक सुरक्षा के मुख्य संदेश
प्रतिभागियों को निम्न बातों की सलाह दी गई:
- नकली ट्रेडिंग ऐप्स और बिना पंजीकरण वाले संस्थानों से सावधान रहें। जानकारी के लिए देखें: https://investor.sebi.gov.in/Investor-support.html
- ऐसी योजनाओं से बचें, जो गारंटीड या असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का वादा करती हों।
- डेरिवेटिव्स (विनिमय आधारित उत्पाद) में ट्रेडिंग करते समय सतर्क रहें।
- सेबी की ‘चेक बिफोर यू इन्वेस्ट’ सुविधा से इंटरमीडिएरी की जाँच करें। लिंक: https://siportal.sebi.gov.in/intermediary/sebi-check
- सिर्फ सेबी पंजीकृत संस्थाओं और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। सत्यापित करने के लिए देखें: https://www.sebi.gov.in/sebiweb/other/OtherAction.do?doRecognised=yes
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) के बारे में:
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) भारत का पहला ऐसा एक्सचेंज रहा है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक या स्क्रीन-आधारित ट्रेडिंग शुरू की। इसकी शुरुआत 1994 में हुई थी और सेबी के आँकड़ों के अनुसार, 1995 से हर साल यह इक्विटी शेयरों के कुल और औसत दैनिक टर्नओवर के मामले में भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। एनएसई का बिज़नेस मॉडल पूरी तरह एकीकृत है, जिसमें एक्सचेंज लिस्टिंग, ट्रेडिंग सेवाएँ, क्लियरिंग और सेटलमेंट, इंडेक्स, मार्केट डेटा फीड्स, तकनीकी समाधान और वित्तीय शिक्षा शामिल हैं। यह ट्रेडिंग और क्लियरिंग सदस्य तथा लिस्टेड कंपनियों द्वारा सेबी और एक्सचेंज के नियमों के पालन की निगरानी भी करता है।
एनएसई तकनीक में अग्रणी है और नवाचार तथा तकनीक में निवेश के जरिए अपने सिस्टम की विश्वसनीयता और प्रदर्शन सुनिश्चित करता है। फ्यूचर्स इंडस्ट्री एसोसिएशन (एफआईए) के आँकड़ों के अनुसार, एनएसई ट्रेडिंग वॉल्यूम (कॉन्ट्रैक्ट्स) के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज है। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंजेस (डब्ल्यूएफई) के आँकड़ों के अनुसार, 2024 में एनएसई इक्विटी सेगमेंट में ट्रेड की संख्या (इलेक्ट्रॉनिक ऑर्डर बुक) के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर है।
