“मेरे कृष्ण” – अहमदाबाद में आ रहा है एक भव्य, दिव्य और रोमांचकारी नाट्य अनुभव

“मेरे कृष्ण” – अहमदाबाद में आ रहा है एक भव्य, दिव्य और रोमांचकारी नाट्य अनुभव

अहमदाबाद अब तैयार है भक्ति, भव्यता और अद्भुत रंगमंचीय जादू के अद्वितीय संगम का साक्षी बनने के लिए, क्योंकि बहुचर्चित मेगा नाट्य प्रस्तुति “मेरे कृष्ण” का मंचन प्रतिष्ठित Auda Auditorium में 28 और 29 मार्च 2026 को चार भव्य शो के साथ होने जा रहा है।

“मेरे कृष्ण” केवल एक नाटक नहीं, बल्कि एक दिव्य और आत्मा को स्पर्श करने वाला अनुभव है, जो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की अमर गाथा को भव्यता और भावनात्मक गहराई के साथ जीवंत करता है। 20 मनोहारी दृश्यों में प्रस्तुत यह नाट्यकृति श्रीकृष्ण जी के जीवन के प्रमुख प्रसंगों—उनकी मोहक लीलाओं से लेकर महाभारत के महान दार्शनिक और मार्गदर्शक बनने तक—का अद्भुत चित्रण करती है।

इस भव्य प्रस्तुति में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं सौरभ राज जैन, जिनका श्रीकृष्ण का चित्रण विश्वभर में करोड़ों दर्शकों के हृदय में बस चुका है। उनके साथ मंच साझा कर रही हैं प्रतिभाशाली पूजा शर्मा, जो महामाया और श्री राधा के रूप में सौंदर्य और भावनात्मक गहराई का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती हैं। वहीं अर्पित रंका दुर्योधन और कंस के सशक्त किरदारों में प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हैं।

130 से अधिक कलाकारों और तकनीशियनों की विशाल टीम के साथ सुसज्जित यह प्रस्तुति आधुनिक भारतीय रंगमंच की सबसे महत्वाकांक्षी कृतियों में से एक है। भव्य सेट, उत्कृष्ट कोरियोग्राफी, प्रभावशाली संगीत और सशक्त कथा-वाचन का यह संगम दर्शकों को एक अद्वितीय और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है।

इस नाटक की पटकथा Dr. Naresh Katyayan द्वारा लिखी गई है, जिसे उद्भव ओझा के मनमोहक संगीत ने और भी ऊँचाई प्रदान की है। सुप्रसिद्ध गायक शान, पलक मुछाल और जावेद अली की मधुर आवाज़ें इस प्रस्तुति को और भी भावपूर्ण बनाती हैं, जबकि डॉ. नरेश कात्यायन, अमित मारू और फणींद्र राव के गीत इसे काव्यात्मक गहराई प्रदान करते हैं।

इस भव्य नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन Rajiiv Singhh Dinkaar ने अपनी दूरदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया है, जबकि इसके निर्माता विवेक गुप्ता, राजीव सिंह दिनकर और विष्णु पाटिल हैं।

“मेरे कृष्ण” केवल एक नाटक नहीं, बल्कि एक ऐसा अद्भुत अनुभव है जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध, प्रेरित और भावविभोर कर देगा।

अहमदाबाद, तैयार हो जाइए मंच पर साकार होती दिव्यता के साक्षी बनने के लिए।

“मेरे कृष्ण” — यह सिर्फ एक नाटक नहीं, बल्कि एक अनुभूति है, जो सदैव आपके हृदय में जीवित रहेगी।

deshpatrika

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