गणेश उत्सव पर देश-विदेश के गुजरातियों के लिए सबसे बड़ा डांस नंबर ‘गणपति बाप्पा मोरया’ हुआ रिलीज़; मौलिक चौहान शानदार अंदाज़ में आए नज़र

गणेश उत्सव पर देश-विदेश के गुजरातियों के लिए सबसे बड़ा डांस नंबर ‘गणपति बाप्पा मोरया’ हुआ रिलीज़; मौलिक चौहान शानदार अंदाज़ में आए नज़र

गणेशोत्सव के पावन पर्व के अवसर पर आमतौर पर मंडपों और उत्सवों में लोग हिंदी डांस नंबर्स पर थिरकते नज़र आते हैं, लेकिन इस साल दुनिया भर के गुजराती अपने ही क्षेत्रीय हाई-ऑक्टेन गणेश उत्सव गीत पर डांस कर सकेंगे। लेंस एंड लाइट्स स्टूडियो (Lens & Lights Studios) द्वारा निर्मित और वडोदरा के प्रतिभाशाली कलाकारों की टीम द्वारा तैयार किया गया पहला भव्य गुजराती गणेश डांस सॉन्ग ‘गणपति बाप्पा मोरया’ धमाकेदार अंदाज़ में रिलीज़ कर दिया गया है।

इस गाने में लोकप्रिय अभिनेता और डांसर मौलिक चौहान अपने शानदार परफॉरमेंस से धमाल मचाते दिखाई दे रहे हैं। ‘द्वारिका नो नाथ’, ‘डमरू बाजे’, ‘कांटो वाग्यो’ और ‘उड़ती राख’ जैसे सुपरहिट डांस नंबर्स देने के बाद मौलिक चौहान के लिए यह गणपति डांस सॉन्ग एक बिल्कुल नया अनुभव और फैंस के लिए एक बड़ी भेंट साबित होगा।

वडोदरा के लेंस एंड लाइट्स स्टूडियो का यह पहला प्रोडक्शन है, जिसने अपने बैनर का श्री गणेश ही विघ्नहर्ता के इस भव्य गीत के साथ किया है। इस गाने का निर्देशन और कोरियोग्राफी जाने-माने कोरियोग्राफर केतुल वाघेला द्वारा की गई है, जिन्होंने इससे पहले कई मशहूर शोज़ और फिल्मों में कोरियोग्राफी की है। इस गाने के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर पार्थ मिस्त्री हैं।

संगीत के क्षेत्र में भी इस गाने से बड़े नाम जुड़े हुए हैं। प्रणव महंत, शैलेश सोलंकी और जिमिल शाह द्वारा संगीतबद्ध किए गए इस गीत को गायक सौमिल सोलंकी ने अपनी दमदार आवाज़ दी है, जबकि इसके उत्साहपूर्ण बोल मोणाली दालवी द्वारा लिखे गए हैं। इस गाने की वोकल रिकॉर्डिंग प्रसिद्ध यशराज फिल्म्स (YRF) स्टूडियो में की गई है, जबकि मिक्सिंग और मास्टरिंग वडोदरा के ‘ए वेव लैब स्टूडियो’ में हुई है।

हालोल के पास स्थित ‘लकी स्टूडियो’ में भव्य सेट तैयार करके इस गाने की शूटिंग की गई है। सूरज कुरडे के कैमरा वर्क और हरकीरत सिंह लाल की एडिटिंग के साथ, हार्दिक पटेल के सेट डिज़ाइन और अंजलि भाकते व निक्की कुमारी की कॉस्ट्यूम डिज़ाइन ने इस गाने को दृश्यात्मक रूप से बेहद भव्य बनाया है।

गणेश उत्सव के दौरान घरों में स्थापित बाप्पा की मूर्तियों के साथ-साथ विभिन्न पंडालों और गणेश मंडलों के लिए यह गीत एक विशेष समर्पण है। वडोदरा से शुरू हुआ यह कलात्मक सफर अब देश-विदेश के सभी गुजरातियों को गणेश उत्सव पर झूमने के लिए मजबूर कर देगा।

deshpatrika

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