भारती डिफेंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने 50 वर्ष पूरे होने पर स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी विकास अपना रणनीतिक फोकस और मजबूत करने की घोषणा की
स्वायत्त प्रणालियों, मानवरहित प्लेटफॉर्म, सामरिक संचार नेटवर्क और युद्धक्षेत्र आधुनिकीकरण समाधानों पर कंपनी का फोकस
मुंबई, जून 2026: भारती डिफेंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (बीडीआईएल) ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के लिए उन्नत स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी क्षमताओं के विकास पर अपना रणनीतिक फोकस और मजबूत करने की घोषणा की है।
बीडीआईएल के अध्यक्ष संदीप अग्रवाल ने कहा, “पचास वर्ष पहले भारती ने भारत के लिए जटिल प्रणालियों के निर्माण का संकल्प लिया था। हमारा मूल उद्देश्य आज भी वही है, केवल कार्यक्षेत्र विकसित हुआ है। बहुवर्षीय एकीकृत परियोजनाओं के प्रबंधन और मिशन-क्रिटिकल प्रदर्शन देने का हमारा अनुभव सीधे रक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लागू होता है। सेंटिनेल उस क्षेत्र में हमारी महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें भारत को नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए। जहाज निर्माण हमारी दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा और आने वाले महीनों में हम इस संबंध में और जानकारी साझा करेंगे।”
वर्ष 1976 में स्थापित बीडीआईएल ने समुद्री एवं अवसंरचना क्षेत्रों में जटिल प्रणालियों के एकीकरण, कठिन परिचालन परिस्थितियों में विश्वसनीय प्रदर्शन और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुपालन में व्यापक विशेषज्ञता विकसित की है। कंपनी अब इसी इंजीनियरिंग क्षमता का उपयोग भारत के रक्षा आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण प्रयासों के लिए कर रही है।
बीडीआईएल, एक्सिकॉम टेक्नोलॉजीज के सहयोग से सॉफ्टवेयर-परिभाषित सुरक्षित संचार नेटवर्क और मोबाइल एड-हॉक नेटवर्क (MANET) समाधान विकसित कर रही है। इसके अंतर्गत तेजस लड़ाकू विमान, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच), सी-130 परिवहन विमान और अन्य महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के लिए विशेष डेटा लिंक तैयार किए जा रहे हैं।
कंपनी का प्रमुख पूर्णतः स्वदेशी कार्यक्रम ‘सेंटिनेल’ (SENTINEL) टी-72 अजेय मुख्य युद्धक टैंक के लिए विकसित किया जा रहा एक अर्ध-स्वायत्त युद्धक्षेत्र आधुनिकीकरण प्रणाली है। इसके दूसरे चरण में इसकी क्षमताओं का विस्तार रोटरी-विंग प्लेटफॉर्म, नौसैनिक सतही पोतों तथा बहु-क्षेत्रीय (मल्टी-डोमेन) अभियानों तक किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, कंपनी परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन और विशेषीकृत मानवरहित प्रणालियों का भी विकास कर रही है।
कंपनी का कहना है कि उसकी रक्षा प्रौद्योगिकी पहलें सिस्टम एकीकरण, विश्वसनीयता इंजीनियरिंग और परिचालन उत्कृष्टता में उसकी मूल विशेषज्ञता का विस्तार हैं, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के साथ निकट सहयोग में विकसित किया जा रहा है।
