आर्य समाज ने श्री सुरेशचंद्र आर्य के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया
27 अक्टूबर, 2025: आर्य समाज समुदाय ने आज गहरे दुख और शोक के साथ श्री सुरेश चंद्र आर्य के अकस्मिक निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की। वे आर्य समाज के एक विशिष्ट और दीर्घकालीन नेता तथा सर्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के आदरणीय अध्यक्ष थे। उनका निधन न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर के आर्य समाज केंद्रों और श्रद्धालुओं के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, श्री एस. के. आर्य, अखिल भारतीय दयानंद सेवाश्रम संघ के अध्यक्ष, ने कहा,“श्री आर्य का जीवन आर्य समाज के सत्य, सुधार और शिक्षा के सिद्धांतों के प्रति समर्पित था। उनका नेतृत्व हमें अत्यंत याद आएगा, परंतु उनके आदर्श हमारे सामूहिक कार्यों में सदा जीवित रहेंगे।”
शोक व्यक्त करते हुए श्री विनय आर्य, महासचिव, दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा, ने कहा, “यह आर्य परिवार के लिए एक अत्यंत गहरा आघात है। श्री आर्य जी ने लोगों को जोड़ा, कठिन समय में स्थिरता दी, और अपने शांत एवं दृढ़ नेतृत्व से संगठन को आगे बढ़ाया। हम उनके स्मरण को सम्मानित करेंगे और अपने कार्य को और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ाएंगे।”
श्री आर्य ने अपना संपूर्ण जीवन वैदिक ज्ञान के पुनर्जागरण, सामाजिक सुधार, शिक्षा और लोकसेवा जैसे अन्य आर्य समाज के आदर्शों के लिए समर्पित कर दिया। वे विभिन्न आर्य समाज शाखाओं को एक सूत्र में पिरोने और संगठन की पहुंच एवं प्रभाव को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रयासरत रहे।
अपने दशकों लंबे कार्यकाल में उन्होंने अनेक योजनाओं का नेतृत्व किया, जिनका उद्देश्य वैदिक अध्ययन को कर्मकांड से आगे ले जाकर समाज सुधार और लोककल्याण से जोड़ना था। वे अपने शांत नेतृत्व, समावेशी दृष्टिकोण, और आर्य समाज के उद्देश्य के प्रति अटूट निष्ठा के लिए सदैव याद किए जाएंगे।
उनकी स्मृति में आज प्रातः अहमदाबाद में एक श्रद्धांजलि यज्ञ (स्मृति यज्ञ) का आयोजन किया गया। परिवार और संगठन के निर्णय के अनुसार देहदान (शरीर दान) की व्यवस्था भी की जा रही है। आर्य समाज परिवार की ओर से हम श्री आर्य के परिवारजनों, आर्य समाज के समस्त सदस्यों, तथा उन सभी को हार्दिक संवेदना प्रकट करते हैं जिन्होंने उनके जीवन और कार्य से प्रेरणा पाई। उनकी प्रेरणा और आदर्श हम सबको मार्गदर्शन देते रहेंगे।
