अम्मा लिविंग भारत में लॉन्च, वेलनेस को आसान और रोज़मर्रा का हिस्सा बनाया
नई दिल्ली, 28th मार्च 2026: अम्मा लिविंग, एक आयुर्वेदिक प्रिवेंटिव वेलनेस ब्रांड, भारत के बढ़ते वेलनेस सेक्टर में प्रवेश कर रहा है। इसका मुख्य मकसद पारंपरिक ज्ञान को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लाना है। “अम्मा” के फ़लसफ़े पर आधारित यह ब्रांड, जो सहज देखभाल, निरंतरता और सचेत जीवन का प्रतीक है, आयुर्वेद को एक व्यावहारिक, टिकाऊ जीवनशैली के रूप में फिर से स्थापित करता है, न कि सिर्फ़ कभी-कभार किए जाने वाले उपाय के तौर पर।
अपने मूल में, अम्मा लिविंग इस विश्वास पर आधारित है कि वेलनेस प्रिवेंटिव (बीमारी से पहले ही बचाव करने वाला), सरल और रोज़मर्रा के कामों में आसानी से घुल-मिल जाने वाला होना चाहिए। सदियों से आजमाए हुए आयुर्वेदिक सिद्धांतों से प्रेरणा लेते हुए, यह ब्रांड इन तरीकों को आधुनिक जीवनशैली के हिसाब से आसान रूपों में पेश करता है। यह लोगों को छोटी-छोटी, सार्थक आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है जो लंबे समय तक सेहतमंद बने रहने में मदद करती हैं।
आज के वेलनेस कल्चर में, जो अक्सर जटिल और निरंतरा बनाए रखने में मुश्किल लगता है, अम्मा लिविंग एक ज़्यादा सहज तरीका अपनाता है। यह ऐसे तरीकों पर ज़ोर देता है जिन्हें दोहराना और अपनाना आसान हो, और जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में स्वाभाविक रूप से फ़िट हो जाएं—उन मुश्किल या भारी-भरकम रूटीन के बजाय जिन्हें बनाए रखना कठिन हो।
इस फ़लसफ़े को हकीकत बनाने के लिए, अम्मा लिविंग ने रोज़ाना इस्तेमाल के लिए सोच-समझकर तैयार किए गए उत्पादों की एक रेंज पेश की है। ‘वेलनेस एसेंशियल्स किट’ और ‘कोर एसेंशियल्स किट’ में ऐसे आपस में जुड़े हुए तरीके शामिल हैं जो पाचन, इम्यूनिटी और पूरे शरीर के संतुलन में मदद करते हैं। ये किट लोगों को तुरंत मिलने वाले उपायों के बजाय निरंतरता की ओर ले जाती हैं। इनके साथ ही एक ‘ट्रैवल किट’ भी है, जो सफ़र के दौरान भी वेलनेस को जारी रखने में मदद करती है, और ‘संवाद बुक’ है, जो सेहत के प्रति ज़्यादा गहरी और चिंतनशील सोच को बढ़ावा देती है।
अम्मा लिविंग में ज़ोर ज़्यादा कुछ करने पर नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चीज़ों को नियमित रूप से और अच्छी तरह से करने पर है।
सचिन आनंद, सह-संस्थापक, अम्मा लिविंग का कहना है कि “उम्र के साल दर साल बड़े होते समय आयुर्वेद हमारे लिए कोई ऐसी चीज़ नहीं थी जिसका हम ‘पालन’ करते थे। यह तो बस हमारी ज़िंदगी जीने का एक तरीका था। सुबह आप क्या खाते थे, आप अपने शरीर की ज़रूरतों पर कैसे ध्यान देते थे, और रोज़ाना आप जो छोटी-छोटी चीज़ें करते थे—अम्मा लिविंग का मकसद हमारी जिंदगी की उसी सहजता को वापस लाना है।”
अपूर्वा अग्रवाल, सह-संस्थापक, अम्मा लिविंग, का कहना है कि “हमारे लिए ‘अम्मा’ सिर्फ़ एक कॉन्सेप्ट नहीं है। यह एक ऐसी चीज़ है जिसे लगभग हर कोई पहचानता है।” उनका कहना है कि “यह ऐसी देखभाल है जिसमें कोई मेहनत या बोझ महसूस नहीं होता। अम्मा लिविंग के साथ, हम वेलनेस को फिर से वैसा ही बनाना चाहते हैं—सहज, निरंतर और रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक स्वाभाविक हिस्सा।” जैसे-जैसे प्रिवेंटिव हेल्थ (निवारक स्वास्थ्य) को लेकर बातचीत बढ़ रही है, अम्मा लिविंग खुद को इस बदलाव में एक साथी के तौर पर पेश करता है, जो हमेशा आपके आसपास ही है। यह लोगों को ऐसी दिनचर्या बनाने में मदद करता है जो टिकाऊ, जानी-पहचानी और रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी हों; साथ ही, यह आयुर्वेद को सरल, सुलभ और असल ज़िंदगी का हिस्सा बनाता है। ये आयुर्वेद को आपके और करीब ले आती है।
