₹100 करोड़ की शानदार सफलता के बाद ‘लालो’ अब शेमारूमी पर
जिन दर्शकों ने ‘लालो – कृष्ण सदा सहायते’ के साथ सुख, दुःख और जश्न मनाया, उनके लिए शेमारूमी पर इस फिल्म का आगमन इसकी शानदार यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। कुछ फिल्में केवल मनोरंजन करती हैं, जबकि कुछ फिल्में परिवार की बातचीत, उत्सुकता और यादों का हिस्सा बन जाती हैं। ‘लालो – कृष्ण सदा सहायते’ ऐसी ही एक कहानी की वापसी का जश्न मनाता है, जिसे अब दुनियाभर के गुजराती परिवार एक साथ अनुभव कर सकेंगे।
बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने और गुजराती सिनेमा की सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक बनने के बाद, ‘लालो – कृष्ण सदा सहायते’ अब १३ अगस्त २०२६ से शेमारूमी पर प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। फिल्म का शेमारूमी पर आगमन दुनियाभर के गुजरातियों के लिए एक विशेष अवसर है, क्योंकि यह ऐसी कहानी को उनके घर तक ला रही है, जो उनकी भाषा, संस्कृति और मूल्यों की खुशी का हिस्सा बन चुकी है।
अंकित सखिया द्वारा निर्देशित ‘लालो – कृष्ण सदा सहायते’ ने रिकॉर्ड पुस्तिका में अपना नाम दर्ज कराया और दुनियाभर में ₹१०० करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली गुजराती फिल्म बन गई। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर मिली शानदार सफलता से आगे बढ़कर, फिल्म ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, अपनी भावनात्मक कहानी, दमदार अभिनय और आस्था, उम्मीद तथा प्रायश्चित के प्रेरणादायक संदेश के माध्यम से हर पीढ़ी के दर्शकों के दिल में एक खास जगह बनाई।
गुजराती मूल्यों और संस्कृति से गहराई से जुड़ी अपनी कहानी, भावनात्मक प्रस्तुति और प्रभावशाली संदेश के साथ ‘लालो’ केवल एक ब्लॉकबस्टर फिल्म बनकर नहीं रह गई। करण जोशी, श्रुहद गोस्वामी, रीवा रच्छ और मिष्टी कडचेचा अभिनीत यह फिल्म दर्शकों के प्यार और मौखिक प्रचार के दम पर एक सांस्कृतिक घटना बन गई। फिल्म ने गुजरात की भावना, संवेदनाओं और मूल्यों का उत्सव मनाया और दर्शकों को एक साथ हंसने, रोने और विश्वास करने का एहसास कराया।
जैसे ही ‘लालो – कृष्ण सदा सहायते’ शेमारूमी पर प्रदर्शित होगी, भारत और दुनियाभर के दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार इस यादगार फिल्म का आनंद ले सकेंगे। देश-विदेश में रहने वाले गुजरातियों के लिए यह अपनी भाषा, भावनाओं और सांस्कृतिक जड़ों से फिर जुड़ने का एक और अवसर है। ओटीटी क्षेत्र में सबसे व्यापक गुजराती मनोरंजन संग्रहों में से एक के साथ, शेमारूमी दुनियाभर के दर्शकों तक गुजरात की भावना का जश्न मनाने वाली कहानियां लगातार पहुंचा रहा है।
अपनी खुशी व्यक्त करते हुए अभिनेता श्रुहद गोस्वामी ने कहा, “जब हमने इस सफर की शुरुआत की थी, तब हममें से किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि ‘लालो’ को दर्शकों से इतना अद्भुत प्यार मिलेगा। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा और गुजराती सिनेमा के लिए एक उत्सव बन गई, यह देखना वास्तव में हमारे लिए बेहद भावुक और अभिभूत करने वाला अनुभव रहा है। फिल्म के कलेक्शन ने हम सभी को सच में चौंका दिया, लेकिन इससे भी ज्यादा जिस बात ने मुझे छुआ, वह थी कहानी के साथ दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव। मुझे बेहद खुशी है कि ‘लालो’ अब शेमारूमी पर आ रही है, जिससे दुनियाभर के परिवार इस सफर को एक साथ अनुभव कर सकेंगे और कई दर्शक उन भावनाओं को फिर से जी सकेंगे, जिन्होंने इस फिल्म को इतना खास बनाया।”
एक ऐसी कहानी जिसने प्रेरित किया, एक ऐसी फिल्म जिसने इतिहास रचा और एक ऐसी सांस्कृतिक घटना जो दर्शकों को लगातार एक साथ ला रही है ‘लालो – कृष्ण सदा सहायते’ अब १३ अगस्त २०२६ से शेमारूमी पर प्रदर्शित होकर एक बार फिर दर्शकों के दिल जीतने के लिए तैयार है।
