रॉयल एनफील्ड ने प्योर मोटरसाईक्लिंग की 125 सालों की विरासत का जश्न मनाने के लिए अब तक की सबसे बड़ी हिमालयन ओडिसी शुरू की
ओडिसी के इस सबसे बड़े और इंक्लुसिव एडिशन के लिए रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। यह ओडिसी चार मार्गों, ओरिज़नल ओडिसी, एक्सप्लोर सर्किट, नुब्रा सर्किट और कारगिल सर्किट से गुजरेगी
भारत: मिड-साईज़ मोटरसाईकल सेगमेंट में ग्लोबल लीडर, रॉयल एनफील्ड ने 125 साल पूरे होने की खुशी में अपनी हिमालयन ओडिसी का 22वाँ संस्करण शुरू किया है। हिमालयन ओडिसी दो दशकों से अधिक समय से ‘प्योर मोटरसाईक्लिंग’ की भावना को एक शानदार मंच प्रदान कर रही है। यह एक जबरदस्त और रोमांचक यात्रा है, जो राईडर्स को दुनिया की सबसे ऊँची पहाड़ियों पर ले जाकर अपनी विरासत को आगे बढ़ाती है।
हिमालयन ओडिसी के लिए रजिस्ट्रेशनरॉयलएनफील्डकीवेबसाईट पर चल रहे हैं।
साल 2026 में यह रोमांचक यात्रा फिर से शुरू हुई है। इसे चार खास फॉर्मेट्स में एक बार फिर पेश किया गया है। इस यात्रा में राईडर्स को लद्दाख के दुर्गम और बीहड़ इलाकों में प्रवेश करने के चार रास्ते मिलेंगे। भले ही राईडर्स के रास्ते अलग-अलग होंगे, पर उनकी मंजिल एक होगी और वो सभी हिमालय के यादगार सफर पर निकलेंगे।
जो सफर कभी केवल कुछ अनुभवी राईडर्स के लिए आरक्षित था, अब वह नई जनरेशन के एक्सप्लोरर्स को आकर्षित कर रहा है। इस साल के फॉर्मेट में यह बदलाव साफ दिखाई देता है। हिमालयन ओडिसी पहली बार चार रास्तों पर आयोजित हो रही है, हिमालयन ओडिसी ओरिज़नल, एक्सप्लोर, कारगिल सर्किट और नुब्रा सर्किट। इनमें से हर रास्ता राईडर्स से वहाँ जाकर मिलने के लिए डिज़ाईन किया गया है, जहाँ वो मौजूद हैं, और वहाँ से यह सफर उन्हें अपनी कल्पना से भी आगे ले जाता है।
हिमालयन ओडिसी ओरिज़नल – द लीजेंडरी माईल: 25 जून, 2026 – 10 जुलाई, 2026
यह ओरिज़नल 16-दिन की साहसिक यात्रा ओडिसी की बुनियादी भावना के अनुरूप है। इसकी शुरुआत और समापन, दोनों चंडीगढ़ में होते हैं। यह रोमांचक यात्रा हिमाचल, ज़ंस्कार और लद्दाख से गुजरती है, तथा लंबे दिनों में मोटरसाईकल की सीट पर सवार होकर अनुशासन और तालमेलपूर्ण राईडिंग का अनुभव प्रदान करती है। कई राईडर्स को तो इस यात्रा में हिमालय का वास्तविक अनुभव मिलता है।
हिमालयन ओडिसी एक्सप्लोर – बियाँड द एज ऑफ मैपः 26 जून, 2026- 5 जुलाई, 2026
यह रोमांचक यात्रा उन लोगों के लिए है, जो पहाड़ों की और ज्यादा खोज करना चाहते हैं। एक्सप्लोर यात्रा को उसकी बुनियाद तक ले जाती है। सीमित सपोर्ट और सेल्फ-कैरीड गियर के साथ राईडर्स मुश्किल रास्तों से गुजरते हैं और अपना खुद का रास्ता बनाने के फैसले करते हैं। यह सफर बिल्कुल रॉ, चुनौतीपूर्ण और काफी ज्यादा संतोष देने वाला है। इसमें हर किलोमीटर तय करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और हर पल यादगार बन जाता है।
हिमालयन ओडिसी कारगिल सर्किट, और नुब्रा सर्किट- द सोल ऑफ हिमालयाज़ः 29 जून, 2026 – 5 जुलाई, 2026
यह यात्रा उन लोगों के लिए है, जो अपनी राईड के साथ हिमालय को महसूस करना चाहते हैं। ये मार्ग धीमे हैं पर गहरा अनुभव प्रदान करते हैं। लेह से शुरू होकर यह सैटेलाईट एडिशन दो विशेष यात्राओं पर आगे बढ़ता है – द फ्रंटियर और द सैंड्स एंड हिस्ट्री एंड हैरिटेज। इनमें से हर यात्रा इस क्षेत्र की एक अलग झलक पेश करती है। ये रास्ते राईड से आगे बढ़कर हिमालय के जीवन, कहानियों और संस्कृतियों में समा जाते हैं। यह यात्रा जितना अधिक जीत का एहसास दिलाती है, उतना ही गहरा संबंध भी स्थापित करती है।
पिछले सालों में हिमालयन ओडिसी का केवल विस्तार ही नहीं हुआ है, बल्कि इसका अर्थ भी गहरा होता चला गया है। 2,200 किलोमीटर से अधिक लंबा यह रास्ता दुनिया की उन सबसे ऊँची जगहों से होकर गुजरता है, जहाँ पर मोटरसाईकल पहुँच सकती है। खारदुंग ला की कठोर और हवा से तराशी गई ऊँचाई से लेकर उमलिंग ला की दूरदराज की चोटियों तक हिमालयन ओडिसी अपने रास्ते में आने वाले हर अनुभव के लिए तैयार होती है, जिसमें शांति के क्षण, मिलकर चुनौतियों को पार करना और इन विशालकाय पहाड़ों की शांत स्वच्छता शामिल है।
हिमालयन ओडिसी की बुनियाद एक सरल से विश्वास पर आधारित है कि हम जिन भी जगहों से होकर गुजरते हैं, वो हमें जैसी देखने को मिलीं, हमारे गुजरने के बाद उससे अच्छी होनी चाहिए। साल 2026 में रॉयल एनफील्ड ने अपनी जवाबदेह यात्रा की इसी प्रतिबद्धता के साथ #लीवएवरीप्लेसबैटरअभियान शुरू किया है, जो राईडिंग के जवाबदेह व्यवहार पर केंद्रित है, ताकि इस यात्रा का पर्यावरण पर कम से कम प्रभाव हो, तथा जो समुदाय इस सफर को संभव बनाते हैं, उन्हें सपोर्ट मिल सके।
क्योंकि आखिरकर हिमालयन ओडिसी केवल सबसे ऊँचे रास्तों पर पहुँचने के बारे में नहीं है, बल्कि यह खोजने के बारे में है कि उन पर और उनके बाद क्या है।
