ओडिशा परब : अहमदाबाद में दिखेगी ओडिशा की जीवंत संस्कृति, व्यंजन, शिल्प और पर्यटन की झलक

ओडिशा परब : अहमदाबाद में दिखेगी ओडिशा की जीवंत संस्कृति, व्यंजन, शिल्प और पर्यटन की झलक

गुजरात यूनिवर्सिटी कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर, अहमदाबाद में 21 से 23 मार्च 2026 तक आयोजन

अहमदाबाद : ओडिशा, जिसे अक्सर भारत के सबसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्यों में से एक माना जाता है, एक ऐसी भूमि है जहाँ प्राचीन परंपराएं, कलात्मक उत्कृष्टता और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। अपनी शास्त्रीय नृत्य परंपराओं और जीवंत लोक संस्कृति से लेकर उत्कृष्ट हस्तशिल्प, हथकरघा और अपनी विशिष्ट पाक विरासत तक, ओडिशा भारत की सांस्कृतिक विरासत की गहराई और विविधता को दर्शाता है। इसके बारे में श्रीमती  प्रवती परिदा (ओडिशा के माननीय उप मुख्यमंत्री)ने माहिती प्रदान की।

ओडिशा की आत्मा को पश्चिमी भारत में लाने के लिए, पर्यटन विभाग द्वारा ओडिया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग के सहयोग से अहमदाबाद में ओडिशा परब का आयोजन किया जा रहा है। इसमें हथकरघा, वस्त्र और हस्तशिल्प विभाग, ORMAS, ADISHA और मिशन शक्ति की सक्रिय भागीदारी रहेगी। यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक प्रदर्शनी 21 से 23 मार्च 2026 तक गुजरात यूनिवर्सिटी कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित की गई है।

बेंगलुरु और गुवाहाटी में पिछले संस्करणों की शानदार सफलता के बाद, पर्यटन विभाग, ओडिशा सरकार, अब अपने प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सव ओडिशा परब को अहमदाबाद लेकर आया है। यह पहल एक व्यापक राष्ट्रीय आउटरीच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ओडिशा के अनुभव-आधारित पर्यटन, सांस्कृतिक समृद्धि और रचनात्मक परंपराओं को पूरे भारत के दर्शकों के सामने पेश करना है।

इस आयोजन का उद्देश्य संस्कृति, व्यंजन, शिल्प, हथकरघा और पर्यटन स्थलों की प्रदर्शनियों को एक ही छत के नीचे लाकर ओडिशा की जीवंत परंपराओं, कलात्मक अभिव्यक्तियों और पर्यटन की संभावनाओं का एक अनूठा अनुभव प्रदान करना है।

इस आयोजन का एक मुख्य आकर्षण ओडिशा के सिद्धहस्त कारीगरों द्वारा शिल्प का लाइव डेमोस्ट्रेशन होगा, जहाँ विज़िटर्स  को वास्तविक समय में पारंपरिक शिल्प कौशल को देखने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से तैयार किए गए शिल्प और हथकरघा स्टालों पर ओडिशा के प्रसिद्ध वस्त्रों और हस्तशिल्प का प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें हाथ से बुने हुए कपड़े, पारंपरिक रूपांकन (motifs) और जीआई-टैग प्राप्त उत्पाद शामिल होंगे। इसके साथ ही, आगंतुकों को इन कारीगरों के साथ बातचीत करने और प्रत्येक कलाकृति के पीछे छिपी विरासत और तकनीकों को समझने का भी मौका मिलेगा।

इस आयोजन का खान-पान सेगमेंट भी उतना ही आकर्षक अनुभव प्रदान करेगा। यहाँ विशेष रूप से तैयार किए गए फूड स्टाल और लाइव कुजीन डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से ओडिया व्यंजनों की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा। विज़िटर्स ओडिशा की तटीय, जनजातीय और पारंपरिक खाद्य संस्कृतियों को दर्शाने वाले प्रामाणिक व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। साथ ही, वे ओडिशा के सुप्रसिद्ध डेसर्ट्स, जैसे कि छेना पोड़ा, का भी आनंद ले पाएंगे।

ओडिशा परब  अहमदाबाद में शास्त्रीय, लोक और जनजातीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की एक जीवंत श्रृंखला भी देखने को मिलेगी, जो राज्य की लय, लोक-कथाओं और मर्शियल ट्रेडिशन को जीवंत करेगी। ओडिसी, गोटीपुआ, संबलपुरी नृत्य, पाइका अखाड़ा, घुमुरा, धेम्सा, छऊ और घुडुकी जैसी प्रस्तुतियां दर्शकों को ओडिशा की समृद्ध प्रदर्शनकारी कला विरासत की एक गतिशील झलक प्रदान करेंगी।

सांस्कृतिक प्रदर्शनियों के अतिरिक्त, यह आयोजन ओडिशा की पर्यटन संभावनाओं पर भी विशेष प्रकाश डालेगा। इसके माध्यम से आगंतुकों को राज्य के विविध यात्रा अनुभवों से परिचित कराया जाएगा—जिसमें विरासत और आध्यात्मिकता से लेकर वन्यजीव, समुद्र तट और इको-टूरिज्म  के गंतव्य शामिल हैं।

इस आयोजन के हिस्से के रूप में, पर्यटन संबंधों को और मजबूत करने के लिए पर्यटन आउटरीच संवाद और ट्रैवल ट्रेड स्टेकहोल्डर्स के साथ विशेष सहभागिता कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

ओडिशा परब , अहमदाबादकी परिकल्पना केवल एक सांस्कृतिक उत्सव से कहीं बढ़कर है; यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संवाद और उत्सव के एक साझा मंच के रूप में कार्य करता है। यह आयोजन ओडिशा और गुजरात के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करते हुए ओडिशा को संस्कृति, शिल्प, व्यंजन और पर्यटन के एक जीवंत केंद्र के रूप में बढ़ावा देता है।

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