ऐश्वर्या खरे ने कलर्स के ‘डॉ. आरंभि’ में डॉक्टर की भूमिका निभाने की तैयारी पर खुलकर बात की
कलर्स का शो ‘डॉ. आरंभि’ दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना चुका है। यह शो एक गृहिणी की सशक्त कहानी है, जो अपनी पहचान वापस पाकर डॉक्टर बनने का सपना पूरा करती है। टाइटल रोल में नज़र आ रहीं ऐश्वर्या खरे को धोखा खाई पत्नी, जुझारू मां और परिस्थितियों से ऊपर उठने वाली महिला के रूप में उनकी शानदार अदाकारी के लिए खूब सराहना मिल रही है। एक ऐसी महिला का किरदार निभाते हुए, जो मेडिकल संकटों के साथ-साथ सामाजिक और व्यक्तिगत चुनौतियों से भी जूझती है, ऐश्वर्या का अभिनय दर्शकों को बेहद वास्तविक और जुड़ा हुआ महसूस कराता है। और यह यथार्थ, वह बताती हैं, केवल स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं था। किरदार को पूरी तरह न्याय देने के लिए ऐश्वर्या ने असली डॉक्टरों से मिलकर उनके अनुभवों को करीब से समझा।
कलर्स के ‘डॉ. आरंभि’ में अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए ऐश्वर्या खरे कहती हैं, “पहले दिन से ही यह मुझे सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी लगा। मैंने असली महिला डॉक्टरों से मुलाकात की और उनकी कहानियां सुनीं—कैसे उन्होंने मौके कुर्बान किए, नाइट शिफ्ट्स संभालीं और फिर भी परिवार को संभाला। कई डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें लगातार घर और काम दोनों जगह खुद को साबित करना पड़ता है। उन बातचीतों ने मुझे आरंभि को समझने और निभाने का तरीका दिया। मैंने मेडिकल टर्म्स, हॉस्पिटल एटीकेट और डॉक्टर के तौर-तरीकों पर काम किया, लेकिन सबसे बड़ी तैयारी भावनात्मक थी—उसकी यात्रा दिखाना, जिसमें वह अपनी पहचान खोकर उसे फिर से हासिल करती है। मुझे सच में लगता है कि टेलीविजन बदल रहा है, दर्शक बदल रहे हैं और शो के नायक-नायिकाएं भी बदल रहे हैं। यही वजह है कि अब ऑथेंटिसिटी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। ‘डॉ. आरंभि’ में हमने इसका खास ध्यान रखा है। मुझे खुशी है कि मेहनत रंग लाई। और सबसे प्यारी बात यह है कि अब मेरे पापा मज़ाक में कहते हैं, ‘चलो, बेटी डॉक्टर बन गई,’ जिससे यह रोल मेरे लिए और भी खास हो गया है।”
‘डॉ. आरंभि’ देखिए हर सोमवार से शुक्रवार रात 8:00 बजे, सिर्फ कलर्स पर।
